मुख्य बातें:
प्रतिनिधि, फारबिसगंज (अररिया)
Jogbani Saharsa Express: भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से जुड़े जोगबनी, फारबिसगंज और संपूर्ण अररिया जिले के रेल यात्रियों ने रेल मंत्रालय के समक्ष एक बेहद महत्वपूर्ण मांग को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है. स्थानीय नागरिकों, प्रबुद्ध जनों और व्यापारिक संगठनों ने जोगबनी–सहरसा एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 13213/13214) के मौजूदा रूट का विस्तार कर इसे राजधानी पटना या दानापुर तक चलाने की पुरजोर वकालत की है. सीमांचल क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वर्तमान में इस इलाके से पटना के लिए कोई भी सीधी रात्रिकालीन (नाइट) ट्रेन सेवा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण दैनिक यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ता है.
सीमांचल एक्सप्रेस में नो-रूम की स्थिति, मरीज और छात्र बेहाल
- टिकटों की भारी किल्लत: इस रूट पर फिलहाल ‘सीमांचल एक्सप्रेस’ एकमात्र मुख्य विकल्प है, जिसमें अत्यधिक भीड़ होने के कारण आम दिनों में भी आरक्षित (कन्फर्म) टिकट मिलना नामुमकिन हो जाता है.
- राजधानी से रोजाना का काम: फारबिसगंज, अररिया और सीमा पार नेपाल से प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में छात्रों को उच्च शिक्षा, व्यापारियों को कारोबार, नौकरीपेशा लोगों को विभागीय कार्यों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना जाना पड़ता है. सीधी ट्रेन न होने से निजी वाहनों या बसों का महंगा और असुरक्षित सफर उनकी मजबूरी बन गया है.
कोसी, सीमांचल और नेपाल के लाखों यात्रियों को सीधे मिलेगा लाभ
स्थानीय रेल उपभोक्ताओं का मानना है कि जोगबनी-सहरसा एक्सप्रेस को जैसे ही पटना या दानापुर ट्रैक से जोड़ा जाएगा, फारबिसगंज, अररिया के साथ-साथ सुपौल और सहरसा सहित पूरे कोसी व सीमांचल प्रमंडल के लाखों यात्रियों को सीधे राजधानी के लिए एक सुलभ और किफायती रात्रिकालीन सफर की सौगात मिल जाएगी. इससे न केवल यात्रियों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि पटना रूट पर चलने वाली अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों पर से यात्रियों का भारी दबाव भी काफी हद तक कम हो जाएगा.
Jogbani Saharsa Express: जनहित में रेल मंत्रालय से त्वरित निर्णय लेने की गुहार
क्षेत्रवासियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस जन-आकांक्षा को लेकर रेल मंत्रालय और पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के उच्च अधिकारियों को एक ज्ञापन भेजने की तैयारी पूरी कर ली है. लोगों ने सामूहिक रूप से अपील की है कि व्यापक जनहित, आर्थिक विकास और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस ट्रेन के विस्तार पर शीघ्र ही सकारात्मक और प्रशासनिक निर्णय लिया जाए. यदि इस मांग पर जल्द अमल नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में क्षेत्र के लोग चरणबद्ध तरीके से नागरिक आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर सकते हैं.
