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सम्मानपूर्वक जीवन जीना बुजुर्गों का अधिकार

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सम्मानपूर्वक जीवन जीना बुजुर्गों का अधिकार

बुजुर्गों को दी भरण-पोषण व संपत्ति अधिकारों की जानकारी

अररिया. सोमवार को सदर अस्पताल अररिया में विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार अररिया के तत्वावधान में विशेष विधिक साक्षरता शिविर सह निःशुल्क परामर्श केंद्र का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएलएसए के पैनल अधिवक्ता कौशल वर्मा ने की. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण व कल्याण अधिनियम, 2007 की जानकारी दी. पैनल अधिवक्ता कौशल वर्मा ने कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के हर नागरिकों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का कानूनी अधिकार है. यदि संतान भरण-पोषण नहीं दे रही है तो डीएलएसए के माध्यम से ट्रिब्यूनल में आवेदन देकर हर महीने अधिकतम 10 हजार रुपये तक भरण-पोषण लिया जा सकता है. संपत्ति धोखे से लिखवा ली गयी है तो वो ट्रांसफर रद्द भी कराया जा सकता है. बुजुर्गों के साथ मारपीट या अपमान करने वाले पर तीन माह तक की सजा का प्रावधान है. पैनल अधिवक्ता ने बताया कि शिविर में 50 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया. निःशुल्क विधिक परामर्श केंद्र पर कई बुजुर्गों ने अपनी पेंशन, संपत्ति विवाद, बैंक व भरण-पोषण से जुड़ी समस्याएं रखीं. कार्यक्रम के अंत में डीएलएसए पैनल अधिवक्ता कौशल वर्मा ने सभी उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों, अतिथियों व मीडिया बंधुओं का आभार व्यक्त किया.

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