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खेतों में रसायनिक खाद का नहीं करें उपयोग

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खेतों में रसायनिक खाद का नहीं करें उपयोग

अररिया. जिला कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा फसल उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. पांच दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्रामीण युवाओं को फसलों का उत्पादन बढ़ाने व पोषक तत्वों के प्रबंधन विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है. प्रशिक्षण बीते शुक्रवार 01 अगस्त से शुरू होकर 05 अगस्त तक संचालित किया जायेगा. इसका उद्देश्य ग्रामीण युवा व किसानों को उन्नत व वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी देना है. प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान केंद्र के प्रभारी प्रमुख वैज्ञानिक डॉ संजीत कुमार ने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए उर्वरकों के बढ़ते प्रयोग की वजह से मृदा की उर्वरता प्रभावित हो रही है. इसका असर फसल की उत्पादकता पर पड़ रहा है. घटते उत्पादन की चुनौतियों से निपटने के लिए एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो चुका है. उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से रासायनिक उर्वरकों के साथ जैविक खाद व जैव उर्वरकों के संतुलित उपयोग से खेतों के मिट्टी की सेहत को बरकरार रखा जा सकता है. इससे फसल उत्पादकता को भी बढ़ाया जा सकता है. प्रशिक्षण कार्यक्रम के निदेशक कृषि वैज्ञानिक डॉ राम नरेश, सुमन कुमारी, अफताब आलम भी उपस्थित थे. सभी ने प्रशिक्षण के विषयवस्तु पर विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल 30 ग्रामीण युवाओं को विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के द्वारा मृदा परीक्षण का महत्व, जैविक खादों का उपयोग, फसल चक्र, मृदा संरक्षण तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी. प्रशिक्षण के दौरान प्रायोगिक प्रदर्शन, फील्ड विज़िट व प्रश्नोत्तरी जैसी रोचक गतिविधियां भी शामिल है. विषय विशेषज्ञों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने व कृषि आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा. ——————————————— शांतिपूर्ण माहौल में हुआ सिपाही भर्ती परीक्षा संपन्न प्रतिनिधि, अररिया केंद्रीय चयन पर्षद द्वारा सिपाही भर्ती परीक्षा रविवार को जिला मुख्यालय में बनाये गये सभी 22 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. परीक्षा में कुल 6107 अभ्यर्थियों ने भाग लिया. वहीं 1473 अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे. परीक्षा के सफल संचालन को लेकर सभी केंद्राधीक्षक, स्टेटिक दंडाधिकारी, जोनल दंडाधिकारी, उड़नदस्ता दल, पुलिस पदाधिकारी सहित संबंधित अन्य बेहद सक्रिय दिखें.

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