मुख्य बातें:
अररिया से पंकज कुमार की रिपोर्ट
DM Vinod Duhan: अररिया जिले में संभावित बाढ़ और विभिन्न नदियों द्वारा किए जा रहे कटाव की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है. जिलाधिकारी (DM) विनोद दूहन ने खुद कमान संभालते हुए जिले के विभिन्न बाढ़ व कटाव प्रभावित संवेदनशील इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया. उन्होंने बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और जल संसाधन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को कटाव निरोधक कार्यों (Anti-Erosion Works) में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए. डीएम ने दोटूक कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं ताकि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके.
कुर्साकांटा और सिकटी में बकरा नदी के तटीय इलाकों का लिया जायजा
जिलाधिकारी के निरीक्षण दौरे की शुरुआत कुर्साकांटा और सिकटी प्रखंड के अत्यधिक संवेदनशील इलाकों से हुई, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- तीरा परड़िया गांव में निरीक्षण: डीएम ने सबसे पहले कुर्साकांटा प्रखंड के बकरा नदी किनारे स्थित तीरा परड़िया गांव पहुंचकर वहां चल रहे फ्लड फाइटिंग और कटाव निरोधक कार्यों की भौतिक प्रगति देखी.
- कुआड़ी-सिकटी पथ पर मुस्तैदी: इसके बाद उन्होंने कुआड़ी-सिकटी पथ पर बकरा नदी पुल के समीप संभावित बाढ़ प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने अभियंताओं से कहा कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से पहले सुरक्षात्मक उपाय हर हाल में पूरे हो जाने चाहिए.
नूना और कनकई नदी के तटबंधों की जांच; समय सीमा के भीतर काम के निर्देश
बकरा नदी के बाद जिलाधिकारी ने नूना और कनकई नदी के जलग्रहण क्षेत्रों का रुख किया और बांधों की मजबूती परखी:
- पररिया जमींदारी बांध का निरीक्षण: डीएम नूना नदी किनारे स्थित पररिया जमींदारी बांध और घोड़ा चौक गांव पहुंचे. वहां चल रहे भू-कटाव रोकने के उपायों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने का निर्देश दिया.
- मजकुरी जहांनपुर तटबंध की समीक्षा: जोकीहाट प्रखंड के अंतर्गत कनकई नदी किनारे स्थित मजकुरी जहांनपुर तटबंध का निरीक्षण कर उन्होंने बाढ़ सुरक्षा तैयारियों की जमीनी हकीकत जानी और फ्लड फाइटिंग सामग्री (बालू की बोरियां, जियो बैग) का स्टॉक दुरुस्त रखने को कहा.
पलासी के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और डिग्री कॉलेज का औचक निरीक्षण
जिलाधिकारी ने पलासी प्रखंड के बच्चाखाड़ी और औलाबाड़ी जैसे संवेदनशील कटाव प्रभावित स्थलों का भी गहन जायजा लिया.
डीएम ने अंचलाधिकारी (CO) और विभागीय इंजीनियरों को इन क्षेत्रों में चौबीसों घंटे लगातार निगरानी रखने और जलस्तर बढ़ते ही जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत व बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया. इसी दौरे के क्रम में जिलाधिकारी ने पलासी स्थित उच्च विद्यालय डाला परिसर में संचालित राजकीय डिग्री महाविद्यालय का भी औचक निरीक्षण किया. उन्होंने कॉलेज की शैक्षणिक स्थिति और आधारभूत (इंफ्रास्ट्रक्चर) सुविधाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए.
DM Vinod Duhan: सिकटी प्रखंड कार्यालयों का मुआयना; विभागों को आपसी समन्वय की हिदायत
निरीक्षण के अंतिम चरण में जिलाधिकारी ने सिकटी प्रखंड और अंचल कार्यालय का रुख कर प्रशासनिक कसावट का संदेश दिया:
- सरकारी दफ्तरों का कड़ा रुख: डीएम ने सिकटी प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय और बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO) समेत अन्य सरकारी दफ्तरों का औचक मुआयना किया. इस दौरान उन्होंने लंबित फाइलों के निष्पादन, अभिलेख संधारण (रिकॉर्ड कीपिंग), जनसेवा और परिसरों में साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया.
- आपसी समन्वय से काम करने की अपील: निरीक्षण के अंत में मीडिया से बात करते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि संभावित आपदा को देखते हुए सभी विभाग अलर्ट मोड पर रहें. संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाए और आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी महकमे आपसी समन्वय (को-ऑर्डिनेशन) से कार्य करें. उन्होंने बाढ़ आपदा से निपटने के लिए नाव, लाइफ जैकेट और अन्य सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखने का निर्देश दिया.
