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अररिया में शंकरपुर हाई स्कूल के समर कैंप में बच्चों ने सीखे संवाद कौशल और ट्रैफिक नियम

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अररिया में शंकरपुर हाई स्कूल के समर कैंप में बच्चों ने सीखे संवाद कौशल और ट्रैफिक नियम
शंकरपुर हाई स्कूल के समर कैंप में बच्चों ने सीखे संवाद कौशल और ट्रैफिक नियम

Araria News: भरगामा अररिया से राष्ट्र भूषण पिंटू की रिपोर्ट . उच्च माध्यमिक विद्यालय शंकरपुर में आयोजित समर कैंप का तीसरा दिन गतिविधियों और रचनात्मक प्रशिक्षण के नाम रहा. बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से आयोजित इस कैंप में संवाद कौशल, सामाजिक व्यवहार, ट्रैफिक नियम और पारंपरिक कला से जुड़ी कई गतिविधियां करायी गयीं. विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कैंप में भाग लिया.

बच्चों को सिखाया गया व्यवहारिक संवाद

कैंप के दौरान वरीय शिक्षिका मलका ए तरन्नुम और अन्य शिक्षकों ने बच्चों को होटल और रेस्टोरेंट में सही तरीके से भोजन ऑर्डर करने का प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया. बच्चों को विनम्र भाषा का प्रयोग, अभिवादन करने का तरीका और दिशा पूछने जैसे व्यवहारिक कौशल सिखाये गये. इस गतिविधि के जरिए बच्चों को दैनिक जीवन में प्रभावी संवाद स्थापित करने का अभ्यास कराया गया.

वर्चुअल बाजार और बस स्टैंड गतिविधि बनी आकर्षण

समर कैंप में बच्चों ने वर्चुअल बाजार और बस स्टैंड जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया. इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन से जुड़ी परिस्थितियों को समझने और व्यवहारिक ज्ञान हासिल करने का मौका मिला. बच्चों ने उत्साहपूर्वक इन गतिविधियों में भाग लेकर अपनी अभिव्यक्ति क्षमता का प्रदर्शन किया.

मिथिला पेंटिंग और मिट्टी कला से बढ़ी रुचि

कैंप के दौरान बच्चों को मिथिला पेंटिंग और मिट्टी के बर्तन बनाने की कला भी सिखायी गयी. शिक्षकों ने बताया कि इसका उद्देश्य बच्चों में पारंपरिक कला और संस्कृति के प्रति रुचि विकसित करना है. विद्यालय परिसर में लगाये गये आकर्षक शैक्षणिक चार्ट और चित्रों ने भी बच्चों को भाषा सीखने के लिए प्रेरित किया.

ट्रैफिक नियम और व्यक्तित्व विकास पर जोर

कैंप में बच्चियों को पार्लर से जुड़ी जानकारी दी गयी, वहीं बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया. शिक्षकों ने बच्चों को सामाजिक व्यवहार और आत्मविश्वास बढ़ाने से जुड़ी बातें भी समझायीं.

प्रिंसिपल ने बताया समर कैंप का उद्देश्य

विद्यालय की प्रिंसिपल पंखुड़ी ने कहा कि गतिविधि आधारित कार्यक्रम बच्चों में भाषा दक्षता, सामाजिक व्यवहार और आत्मविश्वास विकसित करने में काफी सहायक होते हैं. उन्होंने कहा कि समर कैंप बच्चों को नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर अवसर दे रहा है.

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महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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