फारबिसगंज (अररिया) से मो. कलीम उद्दीन की रिपोर्ट
Araria News: अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित जीरा देवी शीतल साह (JDSS) महिला महाविद्यालय में शिक्षक प्रतिनिधि पद का चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद अर्थशास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापक प्रो. नीरजा कुमारी को निर्विरोध शिक्षक प्रतिनिधि घोषित किया गया. खास बात यह रही कि वह लगातार दूसरी बार इस पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं. चुनाव पर्यवेक्षक और निर्वाची पदाधिकारी ने उन्हें प्रमाण पत्र सौंपकर जीत की औपचारिक घोषणा की.
निर्विरोध चुनाव ने दोहराया शिक्षकों का भरोसा
पूर्णिया विश्वविद्यालय की अधिसूचना के अनुसार महाविद्यालय के शासी निकाय में शिक्षक प्रतिनिधि के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की गई थी. नामांकन के दौरान केवल प्रो. नीरजा कुमारी ने ही अपना पर्चा दाखिल किया.
नामांकन पत्र की जांच में सभी दस्तावेज सही पाए गए. निर्धारित तिथि तक किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया और न ही कोई आपत्ति दर्ज हुई. इसके बाद नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने पर उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया.
लगातार दूसरी बार मिली जिम्मेदारी
प्रो. नीरजा कुमारी के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह लगातार दूसरी बार शिक्षक प्रतिनिधि चुनी गई हैं.
शिक्षकों का मानना है कि उनके अनुभव, कार्यशैली और महाविद्यालय के प्रति सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें एक बार फिर सर्वसम्मति से समर्थन मिला है. लगातार दूसरी बार निर्विरोध चुना जाना शिक्षकों के विश्वास का संकेत माना जा रहा है.
पर्यवेक्षक और प्राचार्य ने सौंपा प्रमाण पत्र
चुनाव प्रक्रिया पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त चुनाव पर्यवेक्षक, फारबिसगंज कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. अवधेश कुमार यादव की निगरानी में संपन्न हुई.
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं निर्वाची पदाधिकारी प्रो. रुद्रानंद साह ने चुनाव संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कराईं. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से प्रो. नीरजा कुमारी को निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया.
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Araria News: शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हुई चुनाव प्रक्रिया
महाविद्यालय परिसर में पूरे चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा. सभी आवश्यक प्रक्रियाएं विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पूरी की गईं.
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी मौजूद रहे. सभी ने नव निर्वाचित शिक्षक प्रतिनिधि को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की.
शिक्षक प्रतिनिधि की भूमिका क्यों होती है महत्वपूर्ण
महाविद्यालय के शासी निकाय में शिक्षक प्रतिनिधि की भूमिका अहम मानी जाती है. यह प्रतिनिधि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रबंधन के समक्ष रखता है और शैक्षणिक तथा प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाता है.
ऐसे में प्रो. नीरजा कुमारी के दोबारा निर्विरोध चुने जाने से यह उम्मीद जताई जा रही है कि वह शिक्षकों और संस्थान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.
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