[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Sports वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, टीम इंडिया में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने

वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, टीम इंडिया में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने

0
वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, टीम इंडिया में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने
वैभव सूर्यवंशी

Vaibhav Suryavanshi : वैभव सूर्यवंशी को भारत के टी-20 टीम में जगह मिल गई है. यह खबर तब सामने आई जब बीसीसीआई ने इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर जाने के लिए टीम इंडिया की घोषणा की. वैभव सूर्यवंशी को पहली बार टीम इंडिया में जगह मिली है, जो उनके आईपीएल 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन का इनाम है. वैभव सूर्यवंशी अभी श्रीलंका में इंडिया ए की टीम के साथ हैं.

टीम इंडिया में सबसे कम उम्र में चुने जाने वाले खिलाड़ी

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में वैभव सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में चुने जाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. उनकी उम्र अभी 15 वर्ष है. उनसे पहले सचिन तेंदुलकर के नाम यह रिकाॅर्ड दर्ज था. उनका चयन टीम इंडिया में 16 साल 205 दिन की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट और ओडीआई में हुआ था. उनके अतिरिक्त ये खिलाड़ी भी हैं, जिनका चयन टीम इंडिया में कम उम्र में हुआ था.

  • पार्थिव पटेल -17 साल 153 दिन
  • मनिंदर सिंह-17 साल 193 दिन
  • हरभजन सिंह-17 साल 265 दिन
  • पृथ्वी शाॅ-18 साल 165 दिन

IPL 2026 में किया शानदार प्रदर्शन

वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया था. वे आईपीएल में सबसे अधिक रन (776) बनाने वाले खिलाड़ी बने थे. उनका स्ट्राइक रेट (237.30) भी सबसे ज्यादा था और उन्होंने छक्के (72) भी सबसे अधिक मारे थे. वैभव सूर्यवंशी अभी महज 15 साल के हैं. उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट के दिग्गजों की नजर थी और सभी एक सुर में यह मांग कर रहे थे कि वैभव को टीम इंडिया में जगह दी जाए.

बिहार के रहने वाले हैं वैभव सूर्यवंशी

वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर के जिले के रहने वाले हैं. उन्हें अपने पिता से क्रिकेट की कोंचिंग में मिली है. वे बचपन से ही क्रिकेट में रुचि लेते हैं और अभी उनकी शिक्षा भी पूरी नहीं हुई है. उन्होंने 10वीं का बोर्ड भी नहीं दिया है.

इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे के लिए चुनी गई टीम

  • श्रेयस अय्यर (कप्तान)
  • तिलक वर्मा (उपकप्तान)
  • अभिषेक शर्मा
  • रवि बिश्नोई
  • नीतीश कुमार रेड्डी
  • मोहम्मद सिराज
  • संजू सैमसन (विकेटकीपर)
  • ईशान किशन (विकेटकीपर)
  • शिवम दुबे
  • अक्षर पटेल
  • वाशिंगटन सुंदर
  • वरुण चक्रवर्ती
  • वैभव सूर्यवंशी
  • हर्षित राणा
  • अर्शदीप सिंह
  • प्रिंस यादव

ये भी पढ़ें : श्रेयस अय्यर बने कप्तान, एशियन गेम्स, आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान

कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, सोनम वांगचुक भी होंगे शामिल; शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

Previous article आरा में कायमनगर बाजार बना जाम की वजह, प्रशासन ने तैयार किया शिफ्टिंग प्लान
Next article भारतीयों के खिलाफ जहर बो रहे जेडी वेंस! ब्रिटेन से पड़ी डांट; क्यों खतरनाक हैं US उपराष्ट्रपति के कमेंट्स?
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel