[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Sports Cricket बैजबॉल! छोटी टीमों के सामने शेर, तो इंडिया-ऑस्ट्रेलिया के आगे भीगी बिल्ली, आंकड़े देखकर आप भी यही कहेंगे

बैजबॉल! छोटी टीमों के सामने शेर, तो इंडिया-ऑस्ट्रेलिया के आगे भीगी बिल्ली, आंकड़े देखकर आप भी यही कहेंगे

0
बैजबॉल! छोटी टीमों के सामने शेर, तो इंडिया-ऑस्ट्रेलिया के आगे भीगी बिल्ली, आंकड़े देखकर आप भी यही कहेंगे
England's Bazball fails in front of India and Australia.

England’s Bazball fails in front of India and Australia: टेस्ट क्रिकेट में केवल जीत के लिए खेलना ब्रेंडन मैकुलम की संभवतः नई ईजाद थी. उनके निक नेम ‘बैज’ से एक नई शैली बैजबॉल की शुरुआत हुई 2022 में, जब वे इंग्लैंड टीम के कप्तान बने. उसी समय इंग्लैंड को कप्तान मिला- बेन स्टोक्स. इत्तेफाक ही होगा शायद, मैकुलम और स्टोक्स दोनों ही न्यूजीलैंड में पैदा हुए हैं, इसलिए दोनों की आपस में खूब बनती है. बैज़बॉल युग में इंग्लिश टीम ड्रा के लिए नहीं खेलती, बल्कि जीत के लिए पूरी तरह से हमला करती है. बड़े से बड़ा लक्ष्य भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों के राडार से दूर नहीं होता. भारत के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में उन्होंने 372 रन चेज करते हुए इसे दिखा भी दिया. ओवल में खेले गए आखिरी टेस्ट में भी 374 रन के टार्गेट से केवल 6 रन ही पीछे रह पाए. लेकिन यह तुक्का ही था शायद. क्योंकि अन्य टीमों के खिलाफ बैजबॉल भले ही चले, भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह पूरी तरह अपनी चमक नहीं बिखेर पाया है. 

बैजबॉल वाली बल्लेबाजी में रन रेट 4.5 या यहां तक कि 5 प्रति ओवर से भी ऊपर चला जाता है. लेकिन इंग्लैंड की यह धुआंधार बल्लेबाजी वाली स्क्रिप्ट भारत के लिए परफेक्ट और मेजबानों के लिए निराशाजनक निकली. ओवल टेस्ट को देखें, तो हैरी ब्रुक (98 गेंद पर 112 रन) और जो रूट के शतक के बाद ऐसा लगा कि भारत के हाथ से मैच निकल गया, लेकिन यह सिर्फ लगभग ही रहा. इंग्लैंड महज छह रन से हार गया. अगर एक बल्लेबाज भी थोड़ा समझदारी से खेलता, तो स्कोरलाइन 3-1 हो सकती थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. क्यों? क्योंकि बैजबॉल भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतना असरदार नहीं है. 2022 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक भी सीरीज नहीं जीते हैं और मैच भी अधिक गंवाए हैं.  

क्रिकबज के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में बैजबॉल युग शुरू होने के बाद से इंग्लैंड ने न तो भारत और न ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोई सीरीज जीती है. इन दोनों टीमों के खिलाफ खेले गए 16 टेस्ट में इंग्लैंड सिर्फ 6 जीत पाया है और सीरीज जीत का आंकड़ा अभी भी 0 है. जबकि बाकी टीमों के खिलाफ उनका प्रदर्शन शानदार रहा है, जहां उन्होंने 10 में से 8 सीरीज जीती, जबकि 25 मैचों में 19 जीत मिली है और सिर्फ 6 हार. यानी साफ है कि बैजबॉल भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ काम नहीं करता. लेकिन बाकी टीमों के खिलाफ इंग्लैंड ने धूम मचा दी.  2024 में वेस्ट इंडीज को 3-0, श्रीलंका को 2-1, पाकिस्तान को 2-1 और न्यूजीलैंड को 2-1 से हराया.

इसे विस्तार से देखें, तो 2023 की एशेज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड अपने घर में सीरीज 2-2 से बराबर ही कर सका. भारत के खिलाफ कहानी 2021 की सीरीज के आखिरी टेस्ट से शुरू हुई, जो अगले साल खेला गया. इंग्लैंड ने वह मैच जीता, लेकिन पूरी सीरीज में भारत के खिलाफ उनका प्रदर्शन औसत रहा. 2024 में जब वे रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम से पांच मैचों की सीरीज खेलने भारत आए, तो उन्हें 4-1 से करारी हार झेलनी पड़ी.

अब, रोहित शर्मा, विराट कोहली और आर. अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों की गैर-मौजूदगी में भी बेन स्टोक्स की टीम सिर्फ 2-2 की बराबरी ही कर सकी. जबकि ओवल टेस्ट में उन्होंने लंबे समय तक रन चेज में दबदबा बनाए रखा था. यह 2-2 भी भारत के पक्ष में 3-1 हो सकता था, अगर सिराज और जडेजा लॉर्ड्स टेस्ट जीत पाते.

आंकड़े साफ बता रहे हैं कि बैजबॉल ताकतवर टीमों के खिलाफ केवल पेपर टाइगर है. इंग्लैंड का यह आक्रामक खेल कमजोर टीमों के खिलाफ तो कहर ढाता है, लेकिन जब असली चुनौती भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीमों से मिलती है, तो ‘बैजबॉल’ की धार कुंद पड़ जाती है और उनका आत्मविश्वास बिखर जाता है. 

ये भी पढ़ें:-

‘जब उसने अंंतिम विकेट लिया…’ हार के बाद बिखरे मैकुलम, लेकिन सिराज के लिए कह गए ये बड़ी बात

‘सब सिखाना पड़ता है, बॉलिंग छोड़कर’, डिमांड पर फंसे सिराज, तो सरदार जी ने कर दिया ट्रोल, देखें वीडियो

क्रिकेटिंग सिनेमा का अमिट क्लाइमेक्स! 57 मिनट और 53 गेंदों में भारत ने ओवल में इतिहास रचा…

Previous article Rakshabandhan 2025 Gift Ideas: रक्षाबंधन पर बहन को दें ये खास तोहफा, पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं
Next article गाय भैंस संभालना आता है तो सरकारी नौकरी पक्की, 6433 पदों पर वैकेंसी, हाईकोर्ट ने हटाई रोक
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel