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Home Religion सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना क्यों है मना? बागेश्वर धाम बाबा ने बताई वजह

सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना क्यों है मना? बागेश्वर धाम बाबा ने बताई वजह

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सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना क्यों है मना? बागेश्वर धाम बाबा ने बताई वजह
बागेश्वर धाम बाबा

Vastu Rules: सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में दैनिक जीवन से जुड़ी कई परंपराएं और नियम बताए गए हैं, जिनका पालन आज भी बड़ी संख्या में लोग करते हैं. इन्हीं में से एक मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद या संध्याकाल में घर में झाड़ू नहीं लगानी चाहिए. अक्सर घर के बड़े-बुजुर्ग भी इस बात की सलाह देते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों कहा जाता है? यदि कोई व्यक्ति शाम के समय झाड़ू लगाता है, तो इसका क्या प्रभाव पड़ता है? आइए, इन सभी सवालों के जवाब बागेश्वर धाम बाबा से जानते हैं.

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने क्या कहा?

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार या महाराज के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर हैं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के अनुसार संध्याकाल के समय भगवान शिव अपने गणों के साथ पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं. ऐसे में यदि कोई व्यक्ति शाम के समय घर की सफाई करके कचरा घर के बाहर फेंकता है, तो इसे शुभ नहीं माना जाता. उनका कहना है कि इससे भगवान शिव अप्रसन्न हो सकते हैं और घर का सकारात्मक वातावरण प्रभावित हो सकता है. इसी कारण वे सुबह के समय घर की साफ-सफाई करने की सलाह देते हैं.

धार्मिक और वास्तु दृष्टिकोण

हिंदू धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं, बल्कि धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है.

  • मां लक्ष्मी के आगमन का समय: शास्त्रों के अनुसार संध्याकाल का समय घर में सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी के आगमन का समय माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस समय घर में झाड़ू लगाने या कचरा बाहर फेंकने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं और घर में आने वाली सुख-समृद्धि वापस लौट जाती है.
  • दरिद्रता का वास: वास्तु मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं, जिससे घर में आर्थिक तंगी, कर्ज और दरिद्रता का प्रभाव बढ़ सकता है.

मजबूरी में शाम को झाड़ू लगानी पड़े तो क्या करें?

आज की व्यस्त जीवनशैली में कई लोग नौकरी या अन्य कार्यों के कारण शाम को घर लौटते हैं. ऐसे में यदि किसी कारणवश रात में झाड़ू लगाना जरूरी हो जाए, तो वास्तु शास्त्र में इसके लिए कुछ उपाय बताए गए हैं.

वास्तु नियम

यदि रात में झाड़ू लगाना अनिवार्य हो, तो घर का सारा कचरा और धूल एक स्थान या कोने में इकट्ठा कर लें, लेकिन उसे रात में घर से बाहर न निकालें. उस कचरे को अगले दिन सुबह ही घर के बाहर फेंकें. मान्यता है कि रात में कचरा बाहर फेंकने से धन हानि और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
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