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श्रीविष्णु को सर्वाधिक प्रिय है वैशाख मास

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श्रीविष्णु को सर्वाधिक प्रिय है वैशाख मास
वैशाख मास का महत्व

महामहोपाध्याय आचार्य डॉ सुरेन्द्र कुमार पाण्डेय
पूर्व आईएस, प्रयागराज

Vaishakh Month 2026: वैशाख मास केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. यह वसंत ऋतु का प्रमुख काल है, जिसे नवजीवन और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. शास्त्रों में वसंत को संवत्सर का द्वार कहा गया है. इसी समय प्रकृति अपने पूर्ण सौंदर्य में होती है—पेड़-पौधे, फूल और वातावरण सभी जीवनदायक ऊर्जा से भर जाते हैं.

भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद्गीता में कहा है—“ऋतूनाम कुसुमाकरः” अर्थात ऋतुओं में मैं वसंत हूं. इससे स्पष्ट होता है कि यह समय दिव्यता और सृजन का प्रतीक है. किसानों के लिए भी यह मास अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इसी दौरान रबी फसलों की कटाई होती है, जो उनके जीवन का आधार है.

पुराणों में वैशाख मास की महिमा

पुराणों में वैशाख मास को अत्यंत पुण्यदायक और श्रेष्ठ बताया गया है. स्कंद पुराण में कहा गया है—“न माधवसमी मासः” अर्थात वैशाख के समान कोई मास नहीं है. वहीं पद्म पुराण में इसे भगवान विष्णु का प्रिय मास बताया गया है. नारद जी ने भी राजा अंबरीष को उपदेश देते हुए वैशाख के महत्व को समझाया और कहा कि यह मास सभी इच्छाओं को पूर्ण करने वाला है. ब्रह्माजी ने इसे सभी मासों में श्रेष्ठ बताया है और इसे धर्म, यज्ञ, तप और क्रिया का सार माना है.

जल दान: सबसे बड़ा पुण्य

वैशाख मास की तपती गर्मी में जल दान का विशेष महत्व है. शास्त्रों में कहा गया है कि इस समय प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य होता है. प्याऊ लगाना, शर्बत बांटना या जरूरतमंदों को जल देना सीधा विष्णु लोक की प्राप्ति का मार्ग माना गया है. नारद जी के अनुसार, प्यासे को जल पिलाने का फल हजारों यज्ञों के बराबर होता है. इसके अलावा पंखा, चटाई, जूते, तिल और अनाज का दान भी अत्यंत फलदायक माना गया है.

 नियम, संयम और साधना का महत्व

वैशाख मास में नियम, संयम और साधना का विशेष महत्व है. महाभारत के अनुसार, इस महीने इंद्रियों को वश में रखकर एक समय भोजन करना श्रेष्ठ फल देता है. प्रातःकाल पवित्र नदियों में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायक माना गया है. “ॐ नमो नारायणाय” मंत्र का जप इस महीने विशेष रूप से शुभ होता है. साथ ही कुछ नियमों का पालन भी आवश्यक है, जैसे दिन में सोना, अत्यधिक तेल लगाना या अशुद्ध आचरण से बचना.

वैशाख मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, दान और प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने का अवसर है. यह मास हमें संयम, सेवा और साधना के माध्यम से जीवन को बेहतर बनाने की प्रेरणा देता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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