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Tulsi Plant Vastu Tips: तुलसी के पास भूलकर भी न रखें ये चीजें, नहीं तो हो सकता है अशुभ प्रभाव

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Tulsi Plant Vastu Tips: तुलसी के पास भूलकर भी न रखें ये चीजें, नहीं तो हो सकता है अशुभ प्रभाव
तुलसी पौधे के लिए वास्तु टिप्स

Tulsi Plant Vastu Tips: हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा अत्यंत पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि रोजाना तुलसी की विधि-विधान से पूजा करने पर रोग-शोक दूर होते हैं और मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. ज्योतिष में भी माना गया है कि प्रतिदिन तुलसी में जल चढ़ाने से ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है. इसी कारण घर-घर में तुलसी को सम्मानपूर्वक पूजने की परंपरा है. लेकिन कई बार लोग अनजाने में तुलसी के आसपास ऐसी चीजें रख देते हैं, जो वास्तु के नियमों के अनुसार अशुभ मानी जाती हैं. इससे घर में तनाव, आर्थिक समस्याएं और दुर्भाग्य बढ़ सकता है. आइए जानें तुलसी के पास किन चीजों को कभी नहीं रखना चाहिए और क्यों.

तुलसी और शिवलिंग को साथ न रखें

वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां तुलसी रखी हो वहां शिवलिंग रखना वर्जित माना गया है. कई लोग तुलसी के गमले में छोटा शिवलिंग स्थापित कर देते हैं, लेकिन यह नियमों का उल्लंघन है. पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान शिव ने तुलसी के पति और दैत्य राजा शंखचूड़ का वध किया था. इसी कारण शिव पूजा में तुलसी का उपयोग नहीं होता. साथ ही, शंख से शिवलिंग पर जल चढ़ाने की भी मनाही है. दोनों को साथ रखने से पूजा का फल नहीं मिलता.

तुलसी के साथ गणेश जी की पूजा न करें

ज्योतिष के अनुसार, गणेश जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित है. एक कथा में तुलसी ने गणेश जी से विवाह का प्रस्ताव रखा, लेकिन गणेश जी ने स्वयं को ब्रह्मचारी बताते हुए उसे अस्वीकार कर दिया. इससे क्रोधित तुलसी ने गणेश जी को दो विवाह का श्राप दिया. बदले में गणेश जी ने तुलसी को राक्षस से विवाह का श्राप दे दिया. तभी से गणेश पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता.

तुलसी के पास जूते-चप्पल न रखें

वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के पास जूते-चप्पल रखना अपवित्र माना जाता है. तुलसी में माता लक्ष्मी का वास होता है, और अशुद्ध या गंदी चीजें पास रखने से लक्ष्मी जी नाराज हो सकती हैं. इससे घर में धन हानि और आर्थिक परेशानियों के योग बढ़ जाते हैं.

झाड़ू न रखें तुलसी के आसपास

झाड़ू का संबंध गंदगी से माना जाता है. इसलिए तुलसी के पास झाड़ू रखना अनादर माना जाता है. ऐसा करने से घर में दरिद्रता बढ़ सकती है और कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. तुलसी के पास हमेशा स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखनी चाहिए.

कांटेदार पौधे न लगाएं पास

तुलसी के पास कांटेदार पौधे लगाना अशुभ माना गया है. इससे घर में तनाव, कलह और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं. यदि गुलाब लगाना चाहें तो उसे थोड़ी दूरी पर रखें, क्योंकि गुलाब भी कांटेदार पौधा है.

इन दिनों न तोड़ें तुलसी के पत्ते

शास्त्रों में बताया गया है कि एकादशी, रविवार, सूर्य ग्रहण, चंद्र ग्रहण और रात के समय तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित है. बिना आवश्यकता के पत्ते तोड़ना अनादर माना जाता है. तुलसी के नियमों का पालन करने से घर में समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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