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Home Religion सूर्यास्त के बाद क्यों नहीं किए जाते ये सारे काम? जानिए धार्मिक मान्यताओं से जुड़े नियम

सूर्यास्त के बाद क्यों नहीं किए जाते ये सारे काम? जानिए धार्मिक मान्यताओं से जुड़े नियम

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सूर्यास्त के बाद क्यों नहीं किए जाते ये सारे काम? जानिए धार्मिक मान्यताओं से जुड़े नियम
सूर्यास्त के साथ ही बदल जाते हैं ये नियम

Sunset Time Rules: सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं में सूर्यास्त के समय को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. मान्यता है कि दिन और रात के संधिकाल में वातावरण की ऊर्जा में परिवर्तन होता है, इसलिए इस समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है. पीढ़ियों से चली आ रही इन मान्यताओं का उद्देश्य घर में सकारात्मकता, समृद्धि और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखना है.

भोजन और पानी को ढककर रखने की परंपरा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के समय भोजन और पानी को खुला नहीं छोड़ना चाहिए. इन्हें हमेशा ढककर रखने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि ऐसा करने से भोजन की शुद्धता बनी रहती है और नकारात्मक प्रभावों से बचाव होता है.

सूर्यास्त के बाद सफाई कार्य से बचें

कई परंपराओं में सूर्यास्त के बाद झाड़ू-पोछा या घर की बड़ी सफाई करने से मना किया गया है. लोकमान्यता है कि इससे घर की सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है. इसलिए सफाई के कार्य दिन के समय ही पूरे करने की सलाह दी जाती है.

धन और उपहार का लेन-देन क्यों टालें?

धार्मिक दृष्टि से सूर्यास्त के बाद किसी को पैसा, वस्तु या उपहार देना शुभ नहीं माना जाता. ऐसी मान्यता है कि इससे घर की आर्थिक स्थिरता और लक्ष्मी का वास प्रभावित हो सकता है. हालांकि यह एक पारंपरिक विश्वास है, जिसका पालन कई परिवार आज भी करते हैं.

खानपान और श्रृंगार से जुड़े नियम

सूर्यास्त के समय दही या अन्य खट्टे पदार्थों का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है. इसी प्रकार सूर्यास्त के बाद माथे या शरीर पर चंदन का लेप लगाना भी कुछ परंपराओं में वर्जित माना गया है. इन नियमों को धार्मिक अनुशासन और परंपरा का हिस्सा माना जाता है.

तुलसी और पवित्र पौधों का सम्मान

हिंदू धर्म में तुलसी को अत्यंत पवित्र माना गया है. मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद तुलसी या अन्य पूजनीय पौधों को नहीं छूना चाहिए. इसके पीछे श्रद्धा और धार्मिक सम्मान की भावना जुड़ी हुई है.

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नाखून काटने और कपड़े धोने से बचें

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के समय नाखून काटना, कपड़े धोना या उन्हें सुखाने के लिए डालना शुभ नहीं माना जाता. इसी प्रकार अंतिम संस्कार से जुड़े कार्य भी सूर्यास्त के बाद करने से बचने की सलाह दी जाती है. ये सभी नियम भारतीय संस्कृति में समय और अनुशासन के महत्व को दर्शाते हैं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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