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Home Religion सीता नवमी पर करें ये आरती, घर में सुख-शांति लाने का आसान उपाय

सीता नवमी पर करें ये आरती, घर में सुख-शांति लाने का आसान उपाय

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सीता नवमी पर करें ये आरती, घर में सुख-शांति लाने का आसान उपाय
सीता जी की आरती

Sita Navami Aarti: वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाने वाली सीता नवमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. मान्यता है कि इसी दिन माता सीता का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस तिथि को बहुत शुभ माना जाता है. इसे जानकी नवमी भी कहा जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जो भक्त इस दिन सच्चे मन से माता सीता की पूजा करते हैं, उनके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.
कहा जाता है कि जिस घर में इस दिन विधि-विधान से माता जानकी की पूजा और आरती की जाती है, वहां दरिद्रता और अशांति का वास नहीं होता. यह दिन नारी शक्ति, त्याग, धैर्य और पवित्रता का प्रतीक भी माना जाता है.

सीता जी की आरती का महत्व

पूजा के अंत में आरती करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. आरती न केवल पूजा को पूर्ण करती है, बल्कि भक्त और ईश्वर के बीच भावनात्मक जुड़ाव भी बढ़ाती है. जब श्रद्धा के साथ आरती गाई जाती है, तो घर का वातावरण सकारात्मक और पवित्र हो जाता है.

सीता माता की आरती

आरती श्री जनक दुलारी की।
सीता जी रघुवर प्यारी की॥
जगत जननी जग की विस्तारिणी,
नित्य सत्य साकेत विहारिणी,
परम दयामयी दिनोधारिणी,
सीता मैया भक्तन हितकारी की॥
आरती श्री जनक दुलारी की।
सीता जी रघुवर प्यारी की॥
सती श्रोमणि पति हित कारिणी,
पति सेवा वित्त वन वन चारिणी,
पति हित पति वियोग स्वीकारिणी,
त्याग धर्म मूर्ति धरी की॥
आरती श्री जनक दुलारी की।
सीता जी रघुवर प्यारी की॥
विमल कीर्ति सब लोकन छाई,
नाम लेत पवन मति आई,
सुमीरात काटत कष्ट दुख दाई,
शरणागत जन भय हरी की॥
आरती श्री जनक दुलारी की।
सीता जी रघुवर प्यारी की॥

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सीता नवमी पर पूजा से मिलता है आशीर्वाद

सीता नवमी के दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा और आरती विशेष फलदायी मानी जाती है. यह दिन हमें माता सीता के आदर्शों—त्याग, प्रेम और धैर्य—को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा देता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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