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Home Religion वासंतिक नवरात्र के नौवें दिन जानें सिद्धिदात्री पूजा का महत्व और विधि

वासंतिक नवरात्र के नौवें दिन जानें सिद्धिदात्री पूजा का महत्व और विधि

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वासंतिक नवरात्र के नौवें दिन जानें सिद्धिदात्री पूजा का महत्व और विधि
चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन करें मां सिद्धिदात्री की पूजा

Siddhidatri Puja: आज 27 मार्च 2026 को चैत्र नवरात्र के नौवें दिन दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जा रही है. यह दिन साधना की पूर्णता का प्रतीक माना जाता है. इस दिन भक्त दूध, खजूर और धान का लावा अर्पित करते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और सिद्धियों की प्राप्ति होती है.

शक्ति का सार्वभौमिक स्वरूप

सृष्टि का संचालन शक्ति के बिना संभव नहीं है. शिव भी शक्ति के बिना अधूरे हैं, यही कारण है कि उनका अर्द्धनारीश्वर स्वरूप प्रसिद्ध है. संसार में कोई भी व्यक्ति कितना ही महान क्यों न हो, यदि उसमें शक्ति का अभाव है तो उसका अस्तित्व अधूरा माना जाता है.

शास्त्रों में सिद्धिदात्री का वर्णन

मार्कण्डेय पुराण में देवी को विद्या और अविद्या दोनों रूपों में वर्णित किया गया है. ‘महाविद्या’ के रूप में वे ज्ञान की अधिष्ठात्री हैं, वहीं ‘लक्ष्मि लज्जे महाविद्ये’ के रूप में उनका पूजन होता है. अ से क्ष तक की पचास मातृकाएं उनकी शक्ति का आधार हैं.

सिद्धि और कृपा की अधिष्ठात्री

मां सिद्धिदात्री अपने भक्तों को इच्छानुसार नहीं, बल्कि उससे अधिक प्रदान करने में सक्षम हैं. वे कभी रौद्र तो कभी सौम्य रूप में प्रकट होकर संसार के कष्टों का निवारण करती हैं.

विश्व कल्याण की प्रार्थना मंत्र

देवि प्रसीद परिपालय नोअरिभीते-
र्नित्यं यथासुरवधादधुनैव सद्दः ।
पापानि सर्वजगतां प्रशमं नयाशु
उत्पातपाकजनितांश्च महोपसर्गान् ।।

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मां सिद्धिदात्री का ध्यान मंत्र

सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैर सुरैरमरैरपि ।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी ।।

अर्थ: सिद्ध, गंधर्व, यक्ष, असुर और देवता भी जिनकी आराधना करते हैं, वे सिद्धिदायिनी मां दुर्गा हमें सिद्धियां प्रदान करें.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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