[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion अधिकमास में शुक्र प्रदोष व्रत कल, सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग से बढ़ा महत्व

अधिकमास में शुक्र प्रदोष व्रत कल, सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग से बढ़ा महत्व

0
अधिकमास में शुक्र प्रदोष व्रत कल, सर्वार्थ सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग से बढ़ा महत्व
शुक्र प्रदोष व्रत पर बन रहा शुभ संयोग

Shukra Pradosh Vrat 2026: सनातन धर्म में प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. यह व्रत देवाधिदेव महादेव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित होता है. इस वर्ष लगभग तीन वर्षों बाद अधिकमास में पड़ने वाला शुक्र प्रदोष व्रत शुक्रवार, 12 जून 2026 को मनाया जाएगा. अधिकमास में आने के कारण यह व्रत अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है.

सर्वार्थ सिद्धि योग बना रहा है व्रत को खास

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार प्रदोष व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जिससे इस व्रत का महत्व कई गुना बढ़ गया है. पंचांग के अनुसार, यह शुभ योग सुबह 5:23 बजे से सुबह 6:28 बजे तक रहेगा. मान्यता है कि इस योग में भगवान शिव की उपासना करने से साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है.

शिवालयों में होगी विशेष पूजा-अर्चना

शुक्र प्रदोष के अवसर पर दक्षिण मुंबई के गिरगांव स्थित प्राचीन बाबुलनाथ मंदिर सहित देशभर के शिवालयों में जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष शिवोपासना की जाएगी. श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करेंगे तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे.

जानें प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्र के अनुसार, जिस दिन त्रयोदशी तिथि पड़ती है, उसी वार के अनुसार प्रदोष व्रत का नाम निर्धारित होता है. शुक्रवार को पड़ने के कारण इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, अधिक ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 12 जून को शाम 7:36 बजे से प्रारंभ होकर 13 जून को शाम 4:07 बजे तक रहेगी. प्रदोष काल में शिव पूजा का शुभ समय शाम 7:36 बजे से रात 9:20 बजे तक रहेगा. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:53 बजे से 12:49 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2:40 बजे से 3:36 बजे तक तथा गोधूलि मुहूर्त शाम 7:18 बजे से 7:38 बजे तक रहेगा.

अधिकमास का प्रदोष व्रत क्यों है विशेष?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में किए गए व्रत, दान और पूजा-पाठ का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है. ऐसे में अधिकमास में पड़ने वाला शुक्र प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है.

Previous article आरा नगर निगम की लापरवाही: शहर का पार्क बना कचरा घर, नालों का भी हाल बेहाल
Next article सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर अवैध वसूली के खिलाफ चालकों का प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel