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Home Religion पहली बार कब रखा गया था सावन सोमवार का व्रत? जानें इसकी पौराणिक कथा और महत्त्व

पहली बार कब रखा गया था सावन सोमवार का व्रत? जानें इसकी पौराणिक कथा और महत्त्व

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पहली बार कब रखा गया था सावन सोमवार का व्रत? जानें इसकी पौराणिक कथा और महत्त्व
Sawan Somvar Vrat 2025 origin

Sawan Somvar Vrat 2025: सावन मास शिवभक्ति का सबसे पुण्यकाल माना जाता है,और इसी महीने के प्रत्येक सोमवार को रखा जाने वाला व्रत शिव‑कृपा का अनमोल साधन है. क्या आपने कभी सोचा है कि इस व्रत की नींव कब और किसने रखी? आइए, पौराणिक कथाओं में उतरकर इसका स्रोत जाने  और महत्त्व समझें.

देवी पार्वती की तपस्या: व्रत की मूल कथा

मान्यता है कि पहली बार सावन सोमवार का व्रत स्वयं देव  पार्वती ने रखा. वे भगवान शिव को पति रूप में पाने हेतु कठोर तप में लीन थीं.  नारद मुनि ने उन्हें मार्ग दिखाते हुए सावन मास के हर सोमवार को उपवास, एकाग्र ध्यान और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने का विधान बताया. माता पार्वती ने नियम‑पूर्वक सभी सोमवारों का व्रत किया और उनके अटूट संकल्प से प्रसन्न होकर शिवजी ने उन्हें वर रूप में स्वीकार किया. यही कारण है कि यह व्रत आज भी अविवाहित कन्याओं के लिए अत्यन्त फलदायी माना जाता है;श्रद्धापूर्वक यह व्रत रखने से योग्य जीवन‑साथी की प्राप्ति होती है.

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चंद्रदेव की कथा: संकट मोचक व्रत

एक अन्य प्रचलित कथा चंद्रदेव से जुड़ी है. कहते हैं कि चंद्रमा ने किसी प्रसंग में शिवजी का अनादर कर दिया, परिणामस्वरूप भगवान शिव ने उन्हें श्राप दिया कि उनका तेज क्षीण हो जाएगा. व्याकुल चंद्रदेव ने सावन मास के सोमवार को उपवास रखते हुए शिवलिंग पर गंगाजल और दूध से अभिषेक किया. भक्ति देख शिवजी का हृदय पसीजा और उन्होंने चंद्रदेव को श्रापमुक्त कर दिया. तब से यह व्रत रोग‑शोक निवारण, मानसिक शांति और संकटों से मुक्ति का उपाय भी माना जाने लगा.

व्रत का शाश्वत महत्त्व

इन दोनों कथाओं का सार यह है कि सावन सोमवार व्रत केवल विवाह‑योग्यता या संकट‑निवारण तक सीमित नहीं है;यह समर्पण, संयम और श्रद्धा का प्रतीक है. प्राचीन काल से लेकर आज तक करोड़ों शिवभक्त इस व्रत को धारण कर भोलेनाथ से जीवन‑सुख, समृद्धि और मोक्ष की कामना करते हैं. सुबह स्नान के बाद व्रती निर्जल या फलाहार रहकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, दूध और मधुर पुष्प अर्पित करते हैं, मंत्र “ॐ नमः शिवाय” का जप करते हैं और संध्या आरती के बाद व्रत का पारण करते हैं.

सावन सोमवार का व्रत, जिसकी शुरुआत देवी पार्वती की तपस्या और चंद्रदेव की प्रार्थना से हुई मानी जाती है, आज भी अखंड श्रद्धा की परम्परा के रूप में जीवित है. इस व्रत से जुड़ा हर संकल्प हमें बताता है कि अटूट भक्ति और नियमबद्ध साधना से शिवकृपा अवश्य प्राप्त होती है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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