[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion Sakat Chauth Vrat Katha: गणपति बप्पा की कृपा पाने का दिन, सकट चौथ की चमत्कारी कथा

Sakat Chauth Vrat Katha: गणपति बप्पा की कृपा पाने का दिन, सकट चौथ की चमत्कारी कथा

0
Sakat Chauth Vrat Katha: गणपति बप्पा की कृपा पाने का दिन, सकट चौथ की चमत्कारी कथा
सकट चौथ की व्रत कथा

Sakat Chauth Vrat Katha: सनातन परंपरा में कुछ व्रत केवल रीति नहीं, बल्कि मां की ममता और आस्था की शक्ति के प्रतीक होते हैं. ऐसा ही एक पावन व्रत है सकट चौथ, जो माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. यह दिन विशेष रूप से संतान की रक्षा, सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना से जुड़ा माना गया है. आज 6 जनवरी 2026 को साल का पहला सकट चौथ है इस शुभ अवसर पर सकट चौथ की कथा सनना भी शुभफल देता है. यहां देखें सकट चौथ की व्रत कथा

सकट चौथ की व्रत कथा

सनातन परंपरा में कुछ व्रत केवल रीति नहीं, बल्कि मां की ममता और आस्था की शक्ति के प्रतीक होते हैं. ऐसा ही एक पावन व्रत है सकट चौथ, जो माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है. यह दिन विशेष रूप से संतान की रक्षा, सुख-समृद्धि और लंबी आयु की कामना से जुड़ा माना गया है.

पौराणिक कथा के अनुसार, एक नगर में एक कुम्हार रहता था. वह दिन-रात मेहनत कर मिट्टी के बर्तन बनाता, लेकिन जब भी भट्ठी लगाता, बर्तन पकते ही नहीं थे. परेशान होकर वह राजा के दरबार में पहुंचा. राजा ने समस्या का समाधान जानने के लिए पंडितों को बुलाया. दुर्भाग्यवश, पंडितों ने एक कठोर उपाय बताया—भट्ठी में बच्चे की बली.

राजा की आज्ञा से नगर में यह अमानवीय प्रथा चल पड़ी. जिस घर की बारी आती, वहां शोक छा जाता. इसी क्रम में एक दिन सकट चौथ के पावन अवसर पर एक गरीब बुढ़िया के इकलौते बेटे की बारी आ गई. वह बेटा ही उसकी पूरी दुनिया था. विवश होकर भी बुढ़िया का विश्वास नहीं टूटा. सकट चौथ की रात, उसने अपने बेटे को दूर्वा और सकट की सुपारी दी और कांपती आवाज में कहा— “बेटा, भगवान गणेश का नाम लेकर भट्ठी में बैठ जाना. सकट माता सब संभाल लेंगी.”

ये भी देखें: मनोकामनाओं को पूरा करने का त्योहार सकट चौथ आज, जानें सही नियम

उधर, बुढ़िया चौथ माता और भगवान गणेश की पूजा में लीन हो गई. उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे, लेकिन मन में अटूट श्रद्धा थी. चमत्कार हुआ—जो भट्ठी कई दिनों में पकती थी, वह एक ही रात में पक गई. सुबह होते ही सभी बच्चे सुरक्षित बाहर आ गए. नगरवासियों ने इसे सकट माता और भगवान गणेश की कृपा माना. तभी से सकट चौथ व्रत को संतान सुख, संकट निवारण और मंगलकामनाओं का प्रतीक माना जाने लगा. आज भी यह व्रत मातृत्व की शक्ति और अडिग विश्वास की कथा सुनाता है.

Previous article Suresh Kalmadi Passes Away : पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन
Next article बांग्लादेश: 24 घंटे में दो हिंदुओं की गोली मारकर हत्या, एक विधवा का बलात्कार कर मारने की कोशिश, यूनुस महकमा मौन
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel