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Home Religion Religious Food Habits: खाने से पहले और बाद ये धार्मिक नियम अपनाएं, बनी रहेगी ईश्वर की कृपा

Religious Food Habits: खाने से पहले और बाद ये धार्मिक नियम अपनाएं, बनी रहेगी ईश्वर की कृपा

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Religious Food Habits: खाने से पहले और बाद ये धार्मिक नियम अपनाएं, बनी रहेगी ईश्वर की कृपा
खाने से पहले और बाद के धार्मिक नियम

Religious Food Habits: हम रोज भोजन करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि खाने से पहले और बाद हमारे शास्त्र क्या कहते हैं? हिंदू धर्म में भोजन को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि एक पवित्र कर्म माना गया है. सही तरीके से भोजन करने से न सिर्फ शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन शांत और सकारात्मक भी बना रहता है.

भोजन को धर्म में क्यों माना गया है पवित्र?

शास्त्रों के अनुसार, भोजन को प्रसाद का रूप माना गया है. अन्न को देवी अन्नपूर्णा और भगवान विष्णु से जोड़ा गया है. मनुस्मृति और गरुड़ पुराण में बताया गया है कि भोजन करते समय व्यक्ति जैसा भाव रखता है, वैसा ही प्रभाव उसके मन और जीवन पर पड़ता है. इसलिए खाने से पहले और बाद कुछ छोटे-छोटे नियम अपनाने की परंपरा रही है.

खाने से पहले करने योग्य धार्मिक नियम

हाथ-पैर धोकर ही भोजन करें

हाथ-पैर धोकर ही भोजन करने का यह नियम केवल स्वच्छता का नहीं, बल्कि शुद्धता का प्रतीक है. धार्मिक मान्यता है कि साफ़ शरीर से किया गया भोजन मन को भी शुद्ध करता है.

भोजन से पहले ईश्वर का स्मरण करें

भोजन शुरू करने से पहले मन ही मन भगवान को धन्यवाद देना चाहिए. कई घरों में आज भी कहा जाता है: “अन्न ब्रह्म है” इससे भोजन के प्रति सम्मान बना रहता है.

पहले गाय, कौए या किसी जरूरतमंद को अन्न देना

शास्त्रों में कहा गया है कि अन्न का पहला भाग दूसरों के लिए होना चाहिए. यह दान भाव को बढ़ाता है और अहंकार को कम करता है.

शांत मन से भोजन करें

भोजन करते समय: गुस्सा, बहस, मोबाइल या टीवी से बचना चाहिए. माना जाता है कि अशांत मन से किया गया भोजन शरीर को पूरा लाभ नहीं देता.

भोजन करते समय किन बातों का ध्यान रखें

भोजन की निंदा न करें

अन्न की बुराई करना शास्त्रों में गलत माना गया है. जो मिला है, उसे सम्मान के साथ ग्रहण करना ही धर्म है.

जरूरत से ज्यादा न खाएं

अति भोजन को आयुर्वेद और धर्म – दोनों में नुकसानदायक बताया गया है. संयम को एक बड़ा गुण माना गया है.

खाने के बाद अपनाने योग्य धार्मिक नियम

  • भोजन के बाद हाथ-मुंह धोना न केवल स्वच्छता, बल्कि भोजन पूर्ण होने का संकेत भी है.
  • खाने के बाद मन ही मन यह सोचना कि “मुझे भोजन मिला, यह सौभाग्य है”, यह भाव कृतज्ञता सिखाता है.
  • धार्मिक और आयुर्वेदिक दोनों मान्यताओं के अनुसार, भोजन के बाद थोड़ा चलना शरीर के लिए अच्छा माना गया है.
  • शास्त्रों में कहा गया है कि भोजन के बाद मन और वाणी को शुद्ध रखना चाहिए, क्योंकि उस समय शरीर ऊर्जा ग्रहण कर चुका होता है.

इन नियमों से क्या लाभ होते हैं?

  • भोजन के प्रति सम्मान बढ़ता है
  • मन शांत और सकारात्मक रहता है
  • घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है
  • धीरे-धीरे अनुशासन और संयम जीवन का हिस्सा बनता है

ये नियम डर या अंधविश्वास पर नहीं, बल्कि अनुभव और परंपरा पर आधारित हैं.

खाने से पहले और बाद के धार्मिक नियम बहुत कठिन नहीं हैं. ये हमें यह सिखाते हैं कि भोजन सिर्फ खाने की चीज नहीं, बल्कि ईश्वर का उपहार है. अगर रोजमर्रा की जिंदगी में इन छोटी आदतों को अपना लिया जाए, तो न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मन और जीवन में भी संतुलन बना रहता है. ईश्वर की कृपा बड़े कर्मों से नहीं, रोज़ की सही आदतों से बनी रहती है.

ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभव
ग्रह शांति, विवाह, धन और करियर विशेषज्ञ

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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