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Home Religion रौद्र संवत्सर 2083 की शुरुआत, जानें इस वर्ष के बदलाव, संघर्ष और नए अवसर

रौद्र संवत्सर 2083 की शुरुआत, जानें इस वर्ष के बदलाव, संघर्ष और नए अवसर

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रौद्र संवत्सर 2083 की शुरुआत, जानें इस वर्ष के बदलाव, संघर्ष और नए अवसर
रौद्र संवत्सर 2083

Raudra Samvatsar 2083: रौद्र संवत्सर के साथ 19 मार्च 2026 दिन गुरुवार से हिंदू नववर्ष, विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ हो गया है. यह संवत्सर विशेष प्रभावों वाला माना जा रहा है, जो 7 अप्रैल 2027 तक रहेगा. ग्रहों की स्थिति इस पूरे कालखंड को काफी अहम बना रही है, इस वर्ष गुरु को राजा का पद प्राप्त है, जो बड़े बदलाव, संघर्ष और नए अवसरों का संकेत देता है. जिस दिन संवत्सर प्रारंभ होता है वही वर्ष का राजा होता है.

रौद्र संवत्सर में बढ़ सकता है तनाव

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: ने बताया कि ऐसा संयोग 1966 में भी बना था, जब देश और दुनिया में बड़े राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन देखने को मिले थे. इसी आधार पर इस वर्ष को भी परिवर्तनकारी माना जा रहा है. दुनिया के कई जगहों पर संघर्ष बढ़ने और युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई जा रही है. भारत के लिए भी पड़ोसी देशों से सुरक्षा और कूटनीतिक सतर्कता जरूरी मानी जा रही है.

राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत

राजनीतिक दृष्टि से भी यह समय हलचल भरा रहेगा. कुछ देशों में सत्ता परिवर्तन, बड़े नेताओं के निधन या नई राजनीतिक शक्तियों के उभरने के संकेत मिल रहे हैं, इसके साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज होगी. भारत, अमेरिका, चीन, रूस और जापान जैसे देश नए मिशनों के जरिए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करेंगे.

1966 के ‘रौद्र’ संवत्सर से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं:

राजनीतिक उथल-पुथल: 1966 का वर्ष भारत के लिए अत्यधिक परिवर्तनकारी रहा था. इसी वर्ष लाल बहादुर शास्त्री जी का आकस्मिक निधन हुआ और इंदिरा गांधी का प्रधानमंत्री के रूप में उदय हुआ.

वैश्विक प्रभाव: 1966 का समय भी कोल्ड वार के कारण वैश्विक तनाव का दौर था. अमेरिका और भारत के संबंध भी ठीक नहीं थे.

प्रकृति: 1966 में एशिया के कई हिस्सों में भारी वर्षा और बाढ़ आई. भारत, बांग्लादेश (तब पूर्वी पाकिस्तान) और चीन के कुछ क्षेत्रों में नुकसान हुआ. कई लोगों को विस्थापित होना पड़ा.
कृषि और जीवन पर इसका बड़ा असर पड़ा. हालांकि ये क्षेत्रीय आपदाएँ थीं, लेकिन प्रभाव गंभीर था.

AI और अंतरिक्ष में तेज होगी दौड़

रौद्र संवत्सर को ज्योतिषीय दृष्टि से एक ऐसा काल माना जा रहा है, जिसमें चुनौतियों के साथ-साथ बड़े अवसर भी छिपे हैं. तकनीक के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विस्तार तेजी से होगा, जिससे अंतरिक्ष मिशनों को लेकर देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. आने वाले समय में AI सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि कई क्षेत्रों में इंसानों का सहयोगी बनेगा. वहीं शिक्षा और कानून व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिलेंगे.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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