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Home Religion रमजान में खजूर का महत्व, जानें धार्मिक और सेहत से जुड़ी खास बातें

रमजान में खजूर का महत्व, जानें धार्मिक और सेहत से जुड़ी खास बातें

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रमजान में खजूर का महत्व, जानें धार्मिक और सेहत से जुड़ी खास बातें
रमजान में खजूर का महत्व

Ramadan 2026: भारत में रमजान का चांद 18 फरवरी 2026 को दिखाई दे गया. चांद दिखने के बाद ही रमजान महीने की शुरुआत मानी जाती है. इसलिए आज 19 फरवरी 2026 को रमजान का पहला रोजा रखा जा रहा है. यानी 18 फरवरी की शाम चांद नजर आया और उसके अगले दिन से रोजे शुरू हो गए.

इबादत और नेकी का महीना है रमजान

रमजान का महीना इबादत, रोजा और नेकी का महीना होता है. इस पूरे महीने में मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं. रोजा खोलते समय सबसे पहले खजूर खाने की परंपरा है. खजूर को इस्लाम में बहुत पवित्र और बरकत वाला फल माना जाता है.

खजूर से रोजा खोलने की परंपरा

इस्लामिक मान्यता के अनुसार, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब रोजा इफ्तार के समय खजूर खाकर ही रोजा खोला करते थे. इसलिए आज भी मुसलमान उसी परंपरा का पालन करते हैं. अगर खजूर उपलब्ध न हो, तो पानी से रोजा खोला जाता है. यह परंपरा सुन्नत मानी जाती है, यानी पैगंबर के बताए हुए तरीके का पालन करना.

रमजान में खजूर का धार्मिक महत्व

खजूर को रहमत और बरकत का प्रतीक माना जाता है. रमजान के महीने में खजूर खाने से रोजा खोलना शुभ और सवाब (पुण्य) देने वाला माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि खजूर सादगी और शुक्र (आभार) की भावना को बढ़ाता है. यह हमें सिखाता है कि कम साधनों में भी संतुष्ट रहना चाहिए.

सेहत के लिए फायदेमंद

खजूर सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है. खजूर में प्राकृतिक शक्कर, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को तुरंत ताकत देते हैं. यही कारण है कि इफ्तार में खजूर खाने की सलाह दी जाती है.

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दान और सेवा में भी महत्व

रमजान के दौरान लोग गरीबों और जरूरतमंदों को खजूर बांटते हैं. मस्जिदों में इफ्तार के समय खजूर वितरित करना आम बात है. इससे भाईचारे और इंसानियत की भावना मजबूत होती है. रमजान में खजूर का महत्व सिर्फ एक फल के रूप में नहीं है, बल्कि यह धार्मिक आस्था, परंपरा और सेहत से जुड़ा हुआ है. खजूर सादगी, शुक्रगुजारी और इंसानियत का संदेश देता है. इसलिए रमजान में खजूर का विशेष स्थान माना जाता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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