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राम नवमी में क्यों किया जाता है लाल, पीले या भगवा झंडे का इस्तेमाल

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राम नवमी में क्यों किया जाता है लाल, पीले या भगवा झंडे का इस्तेमाल
राम नवमी झंडा महत्व

Ram Navami flag: वर्ष 2026 में रामनवमी का पावन पर्व 26 मार्च, गुरुवार को मनाया जाएगा. यह दिन चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में विशेष महत्व रखता है. राम नवमी के अवसर पर मंदिरों, घरों और शोभायात्राओं में लाल, पीले और भगवा रंग के झंडे लगाए जाते हैं. ये रंग हिंदू धर्म में आस्था, शक्ति और पवित्रता के प्रतीक माने जाते हैं. झंडा लगाने की परंपरा भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.

भगवा रंग का अर्थ

भगवा रंग त्याग, बलिदान और धर्म का प्रतीक है. यह रंग सनातन परंपरा में साधु-संतों और वीरता से जुड़ा हुआ है. राम नवमी पर भगवा झंडा लगाना इस बात का संकेत है कि हम धर्म के मार्ग पर चलने और अधर्म के खिलाफ खड़े रहने का संकल्प लेते हैं.

लाल रंग का महत्व

लाल रंग शक्ति, साहस और उत्साह का प्रतीक माना जाता है. यह रंग माता शक्ति और वीरता से जुड़ा हुआ है. भगवान श्रीराम के जीवन में भी साहस और पराक्रम की झलक मिलती है, इसलिए लाल झंडा उनके आदर्शों को दर्शाता है.

पीले रंग की विशेषता

पीला रंग ज्ञान, शांति और पवित्रता का प्रतीक है. यह भगवान विष्णु का प्रिय रंग माना जाता है और श्रीराम विष्णु के अवतार हैं. इसलिए राम नवमी पर पीले झंडे का उपयोग भगवान की कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का संकेत देता है.

परंपरा और सामाजिक एकता

राम नवमी पर झंडा लगाने की परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है. जुलूसों में लोग झंडा लेकर चलते हैं, जिससे समाज में एकजुटता और भाईचारा बढ़ता है. यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही आस्था के साथ निभाई जाती है.

लाल, पीले और भगवा झंडे केवल रंग नहीं, बल्कि धर्म, शक्ति, ज्ञान और समर्पण के प्रतीक हैं. राम नवमी पर इनका उपयोग हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने और जीवन में धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है.

ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा | 20+ वर्षों का अनुभव
ग्रह शांति, विवाह, धन और करियर विशेषज्ञ

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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