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Home Religion Rahu Ketu Dosh Marriage Problems: राहु केतु दोष से क्या सचमुच शादी में बन जाते हैं रुकावट?

Rahu Ketu Dosh Marriage Problems: राहु केतु दोष से क्या सचमुच शादी में बन जाते हैं रुकावट?

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Rahu Ketu Dosh Marriage Problems: राहु केतु दोष से क्या सचमुच शादी में बन जाते हैं रुकावट?
शादी पर क्या होता है राहु केतू का प्रभाव

Rahu Ketu Dosh Marriage Problems: हिंदू ज्योतिष में राहु और केतु को छाया ग्रह माना गया है, जिनका सीधा असर व्यक्ति के मानसिक, आध्यात्मिक और वैवाहिक जीवन पर बताया जाता है. शादी के संदर्भ में अक्सर कहा जाता है कि जन्म कुंडली में राहु-केतु का दोष होने से विवाह में देरी, गलत जीवनसाथी की चुनौतियां या दांपत्य में तनाव बढ़ सकता है. लेकिन क्या यह वास्तव में पूरी सच्चाई है?

राहु-केतु अकेले विवाह तय नहीं करते

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि राहु-केतु अकेले ही विवाह को प्रभावित नहीं करते. यह एक मिथक है कि कुंडली में इन ग्रहों की मौजूदगी से शादी में समस्या होना तय है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, विवाह योग कई ग्रहों—जैसे शुक्र, बृहस्पति, सप्तम भाव और उसके स्वामी—के संयुक्त प्रभाव से बनता है. यदि यह योग मजबूत हो, तो राहु-केतु का प्रभाव काफी हद तक संतुलित हो जाता है.

कब असर दिखाते हैं राहु और केतु?

हां, कुछ मामलों में राहु सप्तम भाव में होने पर रिश्तों में भ्रम, गलतफहमी और अविश्वास बढ़ा सकता है. वहीं केतु दूरी का भाव ला सकता है. लेकिन यह तभी प्रभावी होता है जब अन्य शुभ ग्रह कमजोर हों. अनुभवी ज्योतिषी एकल ग्रह दोष देखकर भविष्यवाणी नहीं करते, बल्कि समग्र कुंडली, दशा और गोचर को देखते हैं.

राहु-केतु से जुड़े सामान्य उपाय

उपायों की बात करें तो राहु-केतु से जुड़े भय को कम करने के लिए नियमित ध्यान, मंत्र जाप, गुरुवार का व्रत, और परिवार के बुजुर्गों का सम्मान जैसे सरल उपाय काफी प्रभावी माने जाते हैं. नकारात्मकता कम होती है और मानसिक स्थिरता बढ़ती है, जिससे रिश्तों में सुधार स्वतः आता है.

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सच, मिथक और संतुलन

राहु-केतु दोष शादी में बाधा बन सकता है—लेकिन हमेशा नहीं. यह आधा-सच है जिस पर कई मिथक खड़े हैं. सही सलाह, संतुलित विश्लेषण और सकारात्मक दृष्टिकोण से विवाह योग बिल्कुल मजबूत किया जा सकता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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