Puja Samagri Rules: सनातन धर्म में पूजा के दौरान धूपबत्ती और अगरबत्ती जलाने की परंपरा है. मान्यता है कि इसकी सुगंध से घर का वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. लेकिन पूजा के बाद बची हुई राख (भस्म) का क्या करना चाहिए, इसे लेकर कई लोग असमंजस में रहते हैं. अक्सर लोग अनजाने में इस पवित्र भस्म को कूड़ेदान में फेंक देते हैं या कहीं भी डाल देते हैं. ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में इसे उचित नहीं माना गया है. आइए जानते हैं कि पूजा की भस्म क्या करना चाहिए.

पूजा की भस्म का क्या करें?
पवित्र जल में प्रवाहित करें
यदि आपके घर के आसपास कोई स्वच्छ नदी, नहर, सरोवर या अन्य पवित्र जल स्रोत उपलब्ध हो, तो इस भस्म को वहां श्रद्धापूर्वक प्रवाहित कर दें. ऐसा करने से इसकी पवित्रता बनी रहती है.
गमले या साफ मिट्टी में दबाएं
यदि आसपास कोई जल स्रोत उपलब्ध नहीं है, तो पर्यावरण-अनुकूल तरीका यह है कि इस भस्म को घर के गमलों की मिट्टी में मिला दें. विशेष रूप से तुलसी, पीपल या केले के पौधे की साफ मिट्टी में इसे डालना शुभ माना जाता है. इससे भस्म का सम्मान भी बना रहता है और यह मिट्टी के लिए खाद का भी काम करती है.
तिलक के रूप में करें प्रयोग
यदि आप शुद्ध गाय के गोबर से बनी धूपबत्ती या पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से बनी धूप का उपयोग करते हैं, तो उसकी भस्म को एक छोटी डिब्बी में सुरक्षित रख सकते हैं. प्रतिदिन पूजा के बाद इस भस्म का तिलक माथे या कंठ पर लगाने की मान्यता है. माना जाता है कि इससे मन शांत रहता है और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है.
यह भी पढ़ें: Weekly Color Guide: किस दिन कौन से रंग के कपड़े पहनना होता है शुभ? जानें सोमवार से रविवार तक का कलर गाइड
