[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion Premanand Ji Maharaj: घर और मंदिर की पूजा में क्या है अंतर? जानिए प्रेमानंद महाराज का स्पष्ट जवाब

Premanand Ji Maharaj: घर और मंदिर की पूजा में क्या है अंतर? जानिए प्रेमानंद महाराज का स्पष्ट जवाब

0
Premanand Ji Maharaj: घर और मंदिर की पूजा में क्या है अंतर? जानिए प्रेमानंद महाराज का स्पष्ट जवाब
प्रेमानंद महाराज

Premanand Ji Maharaj: वृंदावन स्थित प्रेमानंद जी महाराज के आश्रम आए एक भक्त ने उनसे एक सवाल किया. भक्त ने प्रेमानंद जी महाराज से पूछा कि क्या घर पर पूजा करने और मंदिर में पूजा करने में कोई अंतर होता है? हिंदू धर्म में मंदिरों के दर्शन और तीर्थ यात्रा को विशेष महत्व दिया गया है, ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है.इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने उत्तर देते हुए कहा कि हाँ, दोनों में बहुत अंतर होता है. महाराज ने बड़े ही सरल शब्दों में घर और मंदिर की पूजा के बीच का अंतर समझाया है.

घर और मंदिर की पूजा में अंतर

प्रेमानंद जी महाराज का कहना है कि घर और मंदिर में की गई पूजा में बहुत अंतर होता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मान लीजिए, आप घर पर 1000 बार माला जाप करते हैं, गौशाला में 100 माला जाप करते हैं और किसी सिद्ध देवाल्य में केवल 1 माला का जाप करते हैं, तो देवाल्य में किया गया 1 माला जाप, घर की 1000 माला के बराबर हो जाता है. वहीं यदि कोई वृंदावन धाम में 1 माला का जाप करता है, तो वह 1 लाख माला जाप के समान फलदायी माना जाता है.

उनका कहना है कि जब हम घर में उपासना करते हैं, उसकी तुलना में बाहर मंदिरों, देवालयों और तीर्थ स्थलों पर की गई साधना का फल कई गुना अधिक होता है.वे कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति घर पर बैठकर जाप करता है और वही जाप गंगा के तट पर करता है, तो दोनों में अंतर होता है. यदि वही जाप नदी के अंदर खड़े होकर किया जाए, तो उसका फल और भी अधिक बढ़ जाता है.

पूजा की पद्धति 

प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि ये सभी पूजा और आराधना की पद्धतियां हैं. शास्त्रों में बताया गया है कि पुरियों, धामों, मंदिरों, नदियों के तटों और गौशालाओं में किया गया नाम-जाप और पूजन, घर की तुलना में अधिक लाभदायक होता है. इसलिए यदि संभव हो, तो समय निकालकर इन पवित्र स्थानों पर अवश्य जाना चाहिए.

यह भी पढ़ें: Premanand Ji Maharaj: ऐसे लोग मंदिर जाकर भी नहीं पाते है पुण्य, प्रेमानंद महाराज ने किनके लिए कही यह बात

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel