[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion प्रदोष व्रत के दिन करें इस कथा का पाठ, महादेव की कृपा से दूर होगा हर संकट

प्रदोष व्रत के दिन करें इस कथा का पाठ, महादेव की कृपा से दूर होगा हर संकट

0
प्रदोष व्रत के दिन करें इस कथा का पाठ, महादेव की कृपा से दूर होगा हर संकट
शिवलिंग को नमन करते हुए भक्त (एआई-निर्मित तस्वीर)

Pradosh Vrat Katha: प्रदोष व्रत 16 मार्च 2026, सोमवार को रखा जाएगा. इस दिन भक्त फलाहार या निराहार रहकर व्रत रखते हैं और महादेव की पूजा करते हैं. कहा जाता है कि जो भी व्यक्ति सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ इस व्रत को करता है, उसके जीवन से हर संकट और बाधा दूर हो जाती है. साथ ही जीवन में खुशहाली और सफलता के नए अवसर आते हैं. इस दिन पूजा के समय व्रत कथा का पाठ करने का विशेष विधान है. मान्यता है कि व्रत कथा का पाठ करने से महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं.

पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, बहुत समय पहले एक गाँव में एक गरीब ब्राह्मणी रहती थी. उसके पति की मृत्यु हो चुकी थी. उसका एकमात्र सहारा उसका बेटा था. वह अपने छोटे बेटे के साथ सुबह-सुबह भिक्षा माँगने निकल जाती थी. जो कुछ भी भिक्षा में मिलता, उसी से वह अपना और अपने बच्चे का पालन-पोषण करती थी.

राजकुमार से मुलाकात

एक दिन जब ब्राह्मणी भिक्षा लेकर घर लौट रही थी, तो उसे रास्ते में एक घायल लड़का मिला. वह दर्द से कराह रहा था. ब्राह्मणी को उस पर दया आ गई और वह उसे अपने घर ले आई. वह लड़का असल में विदर्भ देश का राजकुमार था. दुश्मनों ने उसके पिता के राज्य पर हमला करके उसे छीन लिया था और उसके पिता को बंदी बना लिया था. तब से वह राजकुमार इधर-उधर भटक रहा था. ब्राह्मणी की सेवा और उपचार से जल्द ही राजकुमार ठीक हो गया. इसके बाद वह भी उस ब्राह्मण परिवार के साथ रहने लगा.

ऋषि की सलाह और व्रत

कुछ समय बाद ब्राह्मणी दोनों बच्चों को लेकर ऋषि शाण्डिल्य के आश्रम पहुँची. ऋषि ने उन्हें प्रदोष व्रत रखने की सलाह दी. ब्राह्मणी और दोनों बालकों ने पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा और व्रत करना शुरू कर दिया.

राजकुमार का विवाह

एक दिन राजकुमार जंगल में घूम रहा था, जहां उसकी मुलाकात अंशुमती नाम की एक गंधर्व कन्या से हुई. वे दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे. अंशुमती ने अपने माता-पिता को सारी बात बता दी. इसके बाद रात में भगवान शिव स्वयं अंशुमती के माता-पिता के सपने में आए और उन्होंने दोनों का विवाह करवाने का आदेश दिया. इसके बाद अंशुमती के माता-पिता ने दोनों का विवाह विधि-पूर्वक करवा दिया. साथ ही राजकुमार को उसका राज्य पुनः प्राप्त करने में भी सहायता की.

राज्य मिला वापस

राजकुमार ने गंधर्व सेना की मदद ली और अपने दुश्मनों को हराकर अपना खोया हुआ राज्य वापस पा लिया. राजा बनने के बाद राजकुमार ने उस ब्राह्मण के बेटे को अपना प्रधानमंत्री बना दिया.

यह भी पढ़ें: Pradosh Vrat 2026: 16 मार्च को रखा जाएगा प्रदोष व्रत, नोट कर लें पूजा सामग्री और विधि।

Previous article CBSE 12वीं की हिंदी परीक्षा में लाने हैं अच्छे मार्क्स, इन गलतियों से बचें 
Next article चालीसा के मौके पर नोवामुंडी के चर्च में तीन दिवसीय साधना संपन्न, स्कूली शिक्षिकाओं की भागीदारी अधिक
Avatar Of Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel