[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

0
जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
प्रदोष व्रत 2026

Pradosh Vrat 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है. प्रदोष व्रत जिस वार को पड़ता है, उसी के आधार पर उसका नाम रखा जाता है. चूंकि इस वर्ष आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि रविवार को पड़ रही है, इसलिए इसे रवि प्रदोष व्रत या भानु प्रदोष व्रत कहा जाएगा.

Bhagwan Shiva 1
जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि 4

प्रदोष व्रत जुलाई 2026: शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा सूर्यास्त के समय, यानी प्रदोष काल में की जाती है. पंचांग के अनुसार समय इस प्रकार है:

  • त्रयोदशी तिथि आरंभ: 12 जुलाई 2026, सुबह 02:04 बजे से
  • त्रयोदशी तिथि समाप्त: 12 जुलाई 2026, रात्रि 10:29 बजे तक
  • प्रदोष काल पूजा मुहूर्त: शाम 07:22 बजे से रात 09:24 बजे तक

प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधि

Surya Grahan 2026 31
जुलाई 2026 का पहला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? यहां जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि 5

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें तथा भगवान शिव के समक्ष दीपक जलाएं. दिनभर निराहार या फलाहार रहकर व्रत का पालन करें. इस दौरान मन ही मन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते रहें और तामसिक विचारों से दूर रहें.

शाम को सूर्यास्त से पहले दोबारा स्नान करें और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें. इसके बाद उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें. शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से अभिषेक करें. फिर चंदन का तिलक लगाएं और बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल तथा अक्षत अर्पित करें.

इसके बाद भगवान शिव को मिठाई और फलों का भोग लगाएं. फिर शिव चालीसा और प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें. अंत में कपूर या दीपक से भगवान शिव की आरती करें. पूजा संपन्न होने के बाद प्रसाद वितरित करें और जल अथवा पारण सामग्री ग्रहण कर व्रत का पारण करें.

रवि प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति रवि प्रदोष व्रत रखता है, उसकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है. भगवान भोलेनाथ की कृपा से जीवन के अनेक संकट दूर होते हैं और पितृ दोष का प्रभाव कम होता. साथ ही, सुख-समृद्धि और यश की प्राप्ति भी होती है.

यह भी पढ़ें: Rath Yatra 2026: भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा क्यों निकाली जाती है? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता और महत्व

Previous article अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल बुजुर्ग ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, गांव में पसरा मातम
Next article 11 माह के बकाया मानदेय को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी
Avatar Of Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel