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Home Religion Pitru Paksh Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रुक सकती है तरक्की

Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रुक सकती है तरक्की

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Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रुक सकती है तरक्की
पितृ पक्ष में न करें ये सारे काम

Pitru Paksha 2025: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का समय बहुत पवित्र माना जाता है. यह 16 दिनों का विशेष काल होता है, जो हमारे पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए समर्पित है. मान्यता है कि इस दौरान पितर अपने वंशजों से मिलने आते हैं. अगर श्राद्ध, तर्पण और दान सही विधि से किए जाएँ, तो पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. लेकिन इस दौरान कुछ ऐसे काम हैं, जिन्हें करने से बचना चाहिए ताकि घर में शांति और तरक्की बनी रहे.

पितृ पक्ष के दौरान क्या न करें?

  • टूटे-फूटे सामानों को हटा दें: घर में पुराने बर्तन, टूटी मूर्तियां या फटी हुई तस्वीरें न रखें. ऐसा माना जाता है कि ये नकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं, जिससे पूर्वज नाराज़ हो सकते हैं. यदि आपके घर में ऐसे सामान हैं, तो पितृ पक्ष शुरू होने से पहले उन्हें हटा दें.
  • सूखे या मरे हुए पौधे न रखें: हरे-भरे पौधे शुभ होते हैं, जबकि सूखे पौधे नकारात्मकता लाते हैं. पितृ पक्ष में इन्हें ख़ास तौर पर हटा देना चाहिए और ताज़े पौधे लगाने चाहिए.
  • श्राद्ध और तर्पण की तिथि न भूलें: श्राद्ध और तर्पण सही दिन और सही समय पर करना बहुत ज़रूरी है. यदि अनुष्ठान तिथि के अनुसार न हो, तो पितरों की आत्मा को शांति नहीं मिलती और उनका आशीर्वाद भी अधूरा रह सकता है.
  • तर्पण को हल्के में न लें: पितरों को जल अर्पित करना, जिसे तर्पण कहते हैं, बहुत आवश्यक है. मान्यता है कि हाथों से बहता जल सीधे पितरों तक पहुँचता है. इसे नज़रअंदाज़ करने से उनके आशीर्वाद में कमी आ सकती है.
  • परंपराओं का मज़ाक न उड़ाएं: आजकल कुछ लोग प्राचीन रीति-रिवाजों पर सवाल उठाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से पूर्वज अप्रसन्न हो सकते हैं. इसलिए, इन परंपराओं का आदर और श्रद्धा के साथ पालन करना चाहिए.
  • घर में झगड़े और नकारात्मक माहौल न हो: पितृ पक्ष के दौरान यह माना जाता है कि पूर्वज घर में मौजूद होते हैं. ऐसे में घर में लड़ाई-झगड़ा, कड़वे बोल या गुस्सा करना ठीक नहीं है. घर में शांति और सद्भाव का माहौल ही पितरों को प्रसन्न करता है.
  • भोजन और जल अर्पण न भूलें: पूर्वजों को भोजन और जल अर्पित करना सबसे ज़रूरी है. ख़ासकर खीर-पूरी जैसे व्यंजन बनाकर श्रद्धा से अर्पित करें. साथ ही, गाय, कुत्ते या पक्षियों को भोजन कराने से भी पुण्य मिलता है.
  • ख़राब या बंद घड़ी न रखें: घड़ी समय का प्रतीक है. घर में बंद या टूटी हुई घड़ी रखना अशुभ माना जाता है. पितृ पक्ष से पहले सभी घड़ियों को ठीक कर लें.
  • धार्मिक ग्रंथों का पाठ न छोड़ें: पितृ पक्ष में गीता जैसे पवित्र ग्रंथों का पाठ करना बहुत शुभ माना गया है. इससे न केवल पूर्वजों को शांति मिलती है, बल्कि परिवार में भी सकारात्मकता आती है.
  • घर को गंदा न रखें: गंदगी और अव्यवस्था को पूर्वजों के लिए अशुभ माना जाता है. इस समय घर की साफ़-सफ़ाई पर ख़ास ध्यान दें. एक स्वच्छ और सुसज्जित घर में ही पितरों का आशीर्वाद आसानी से मिलता है.
  • पितृ पक्ष को सिर्फ़ एक धार्मिक अनुष्ठान न समझें, बल्कि इसे अपने पूर्वजों के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त करने का अवसर मानें. जब आप इन दिनों को श्रद्धा और अनुशासन के साथ बिताते हैं, तो आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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