[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या पर है इष्टकाल का धार्मिक महत्व, जानें कौन सा मंत्र है विशेष रूप से फलदायी

Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या पर है इष्टकाल का धार्मिक महत्व, जानें कौन सा मंत्र है विशेष रूप से फलदायी

0
Paush Amavasya 2025: पौष अमावस्या पर है इष्टकाल का धार्मिक महत्व, जानें कौन सा मंत्र है विशेष रूप से फलदायी
पौष अमावस्या पर इष्टकाल में करें पूजा

Paush Amavasya 2025: हिंदू धर्म में इष्टकाल को पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का सबसे प्रभावशाली समय माना गया है. मान्यता है कि इस अवधि में साधक, देवताओं और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के बीच विशेष सामंजस्य बनता है, जिससे की गई पूजा, भोग और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है. यही कारण है कि पर्व-तिथियों पर इष्टकाल का विशेष ध्यान रखा जाता है.

पौष अमावस्या 2025 का विशेष संयोग

इसी कड़ी में पौष अमावस्या का विशेष महत्व है. वर्ष 2025 में यह तिथि आज 19 दिसंबर को है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन इष्टकाल प्रातः ब्रह्म मुहूर्त से प्रारंभ होकर दोपहर तक रहता है. यह समय पितरों के तर्पण, स्नान-दान और सूर्यदेव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करने से पितृदोष शांत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है.

इष्टकाल में भोग का महत्व

धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि इष्टकाल में अर्पित भोग सीधे ईश्वर तक पहुँचता है. इस समय श्रद्धा के साथ लगाया गया भोग साधक की मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक होता है. सात्त्विक और शुद्ध भोजन जब नियमपूर्वक भगवान को अर्पित किया जाता है, तो घर-परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मानसिक शांति बनी रहती है.

पितृ तृप्ति का श्रेष्ठ अवसर

पौष अमावस्या विशेष रूप से पितृ तृप्ति का पर्व मानी जाती है. इस दिन इष्टकाल में तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. मान्यता है कि इससे परिवार में चल रही बाधाएँ दूर होती हैं और वंश में सुख-शांति बनी रहती है.

पापों का क्षय और सूर्य आराधना

इसके साथ ही इस दिन स्नान, दान और पूजा करने से पापों का क्षय होता है. जाने-अनजाने में किए गए दोष शांत होते हैं और साधक को पुण्य की प्राप्ति होती है. पौष मास सूर्यदेव से जुड़ा माना गया है, इसलिए अमावस्या पर सूर्य को अर्घ्य देना विशेष फलदायी होता है. इससे स्वास्थ्य, तेज और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है.

ये भी पढ़ें: आज है साल की आखिरी अमावस्या, पौष अमावस्या पर ऐसे करें पितरों के लिए तर्पण

दान-पुण्य से संकटों से मुक्ति

धार्मिक विश्वासों के अनुसार पौष अमावस्या पर इष्टकाल में की गई पूजा से गृह क्लेश, आर्थिक संकट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. इस दिन तिल, कंबल, अन्न, गुड़ और वस्त्र का दान करने का विशेष महत्व है. जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को दिया गया दान कई गुना पुण्य प्रदान करता है.

आध्यात्मिक शांति और साधना

आध्यात्मिक दृष्टि से भी यह दिन बेहद खास है. इष्टकाल में किया गया जप, ध्यान और साधना मन को स्थिर करता है और आत्मिक शांति प्रदान करता है. “ॐ पितृदेवाय नमः” मंत्र का जप विशेष रूप से फलदायी माना गया है.

श्रद्धा और समृद्धि का पर्व

कुल मिलाकर, पौष अमावस्या पर इष्टकाल में की गई पूजा श्रद्धा, अनुशासन और कृतज्ञता का प्रतीक है, जो जीवन में संतुलन, शांति और समृद्धि लेकर आती है.

Previous article Bihar Ka Mausam: बिहार में हाड़ कंपाने वाली ठंड, दिन का पारा 7 डिग्री तक लुढ़का, 22 दिसंबर तक घने कोहरे का अलर्ट
Next article Bihar News: लौरिया चीनी मिल घोटाला में 25 साल बाद आया फैसला, उप प्रबंधक समेत छह को जेल
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel