[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion 3 साल बाद आई परमा एकादशी 2026: श्रीहरि की कृपा से दूर होगी आर्थिक तंगी, जानें व्रत, मुहूर्त और धन लाभ के उपाय

3 साल बाद आई परमा एकादशी 2026: श्रीहरि की कृपा से दूर होगी आर्थिक तंगी, जानें व्रत, मुहूर्त और धन लाभ के उपाय

0
3 साल बाद आई परमा एकादशी 2026: श्रीहरि की कृपा से दूर होगी आर्थिक तंगी, जानें व्रत, मुहूर्त और धन लाभ के उपाय
परमा एकादशी का शुभ मुहूर्त

Parama Ekadashi 2026: अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में आने वाली परमा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पुण्यदायी एकादशियों में से एक मानी जाती है. यह व्रत केवल पुरुषोत्तम मास में ही आता है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व विशेष रूप से बढ़ जाता है. सनातन धर्म ग्रंथों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक परमा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है. पंडित पुरनेंदु पाठक के अनुसार, कई धार्मिक ग्रंथों में इसे महान यज्ञों और पुण्य कर्मों के समान फलदायी बताया गया है.

परमा एकादशी 2026: तिथि और पारण का शुभ मुहूर्त

वर्ष 2026 में परमा एकादशी का व्रत 11 जून, गुरुवार को रखा जाएगा. पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 11 जून को प्रातः 12:57 बजे प्रारंभ होगी और उसी दिन रात्रि 10:36 बजे समाप्त होगी.

परमा एकादशी 2026 का शुभ पूजा मुहूर्त

भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना के लिए 11 जून को सुबह 10:36 बजे से दोपहर 02:05 बजे तक का समय अत्यंत शुभ माना गया है. इस दौरान विधि-विधान से पूजा करने पर विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

परमा एकादशी 2026 व्रत पारण का समय

परम एकादशी व्रत का पारण 12 जून 2026, शुक्रवार को किया जाएगा. पारण के लिए शुभ समय सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी अवधि में व्रत खोलना श्रेष्ठ माना जाता है.

धार्मिक मान्यता है कि निर्धारित समय में पारण करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है.

क्यों माना जाता है अत्यंत फलदायी व्रत?

‘परमा’ शब्द का अर्थ है ‘श्रेष्ठ’ या ‘सर्वोत्तम’. पुराणों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है. भक्त विष्णु सहस्रनाम का पाठ, जप और दान-पुण्य करके विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं. धार्मिक परंपराओं में यह भी माना जाता है कि जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

ये भी पढ़ें: परम एकादशी पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, जानें व्रत के जरूरी नियम

धन लाभ और समृद्धि के लिए 3 लोकप्रिय उपाय

तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं

एकादशी की संध्या बेला में तुलसी के पौधे के समीप घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण करें. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और लक्ष्मी कृपा बढ़ती है.

माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं

साबूदाना या मखाने की खीर बनाकर माता लक्ष्मी को अर्पित करें. बाद में इसे प्रसाद स्वरूप परिवार और जरूरतमंदों में वितरित करें.

तिजोरी में रखें पीली कौड़ियां

पूजा के समय पीले वस्त्र में 11 कौड़ियां या सिक्के बांधकर भगवान के समक्ष रखें. पूजा पूर्ण होने के बाद इन्हें तिजोरी या धन रखने के स्थान पर स्थापित करें.

धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संदेश

धार्मिक मान्यताओं और पुराणों में वर्णित परंपराओं के अनुसार, परमा एकादशी का व्रत भक्ति, संयम और सेवा का पर्व है. श्रद्धालुओं को व्रत के साथ सदाचार, दान और भगवान विष्णु के नाम-स्मरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए. धार्मिक उपाय आस्था पर आधारित होते हैं और इनके फल को लेकर विभिन्न मान्यताएं प्रचलित हैं.

Previous article आरा में गर्मी से लोग परेशान, अस्पतालों में बढ़ रहे डिहाइड्रेशन के मरीज
Next article थिएटर में नहीं गूंज पाई ‘बंदर’ की दहाड़, 5वें दिन बॉक्स ऑफिस पर हुआ बुरा हाल
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel