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Home Religion पापमोचनी एकादशी के दिन अनजाने में भी न करें ये गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत

पापमोचनी एकादशी के दिन अनजाने में भी न करें ये गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत

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पापमोचनी एकादशी के दिन अनजाने में भी न करें ये गलतियां, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत
सिंहासन पर विराजमान भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी

Papmochani Ekadashi 2026: चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है. जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, यह पापों को नष्ट करने वाली तिथि मानी जाती है. यह एकादशी अनजाने में किए गए पापों के प्रायश्चित के लिए बहुत फलदायी मानी जाती है. साल 2026 में 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. शास्त्रों में इस दिन के लिए कुछ नियम बताए गए हैं. अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाए तो व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है. आइए ज्योतिषाचार्य दीप्ति शर्मा से जानते हैं कि इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं.

चावल का सेवन

एकादशी के दिन चावल खाने की पूरी तरह से मनाही है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चावल में महर्षि मेधा के शरीर के अंश का वास माना जाता है. इसलिए इस दिन चावल खाना जीव हत्या के समान माना गया है. चाहे आप व्रत रख रहे हों या नहीं, एकादशी के दिन घर में चावल नहीं बनाना चाहिए.

तुलसी दल तोड़ना

भगवान विष्णु को तुलसी बहुत प्रिय है और उनके भोग में तुलसी का होना बहुत जरूरी माना जाता है. लेकिन एकादशी के दिन तुलसी माता व्रत रखती हैं, इसलिए इस दिन तुलसी नहीं तोड़नी चाहिए. अगर पूजा के लिए तुलसी चाहिए, तो एक दिन पहले ही तुलसी दल तोड़कर रख लें.

तामसिक भोजन

एकादशी के दिन शारीरिक और मानसिक शुद्धि बेहद जरूरी मानी जाती है. इस दिन मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और मसूर की दाल जैसी तामसिक वस्तुओं का त्याग करना चाहिए.

गुस्सा और झूठ बोलना

एकादशी के दिन दूसरों की बुराई करने, गुस्सा करने और झूठ बोलने से भी बचना चाहिए, वरना व्रत का पूरा फल नहीं मिलता.

रात में सोना

एकादशी की रात को सोना नहीं चाहिए. ऐसा करना अशुभ माना जाता है. इस दिन रात के समय भजन-कीर्तन करते हुए जागरण करना चाहिए.

एकादशी का नियम दशमी की रात से ही शुरू हो जाता है. दशमी के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन नहीं करना चाहिए. एकादशी व्रत का फल तभी मिलता है जब द्वादशी तिथि के शुभ मुहूर्त में व्रत खोला जाता है. ऐसे में हरि वासर यानी द्वादशी तिथि की पहली चौथाई अवधि के दौरान व्रत कभी नहीं खोलना चाहिए. व्रत खोलने से पहले किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को अपनी क्षमता अनुसार दान जरूर करें.

साल 2026 में आने वाली एकादशी व्रत की तिथियां

  • पापमोचनी एकादशी : 15 मार्च 2026
  • कामदा एकादशी : 29 मार्च 2026
  • वरुथिनी एकादशी : 13 अप्रैल 2026
  • मोहिनी एकादशी : 27 अप्रैल 2026
  • अपरा एकादशी : 13 मई 2026
  • पद्मिनी एकादशी : 27 मई 2026
  • परमा एकादशी : 11 जून 2026
  • निर्जला एकादशी : 25 जून 2026
  • योगिनी एकादशी : 10 जुलाई 2026
  • देवशयनी एकादशी : 25 जुलाई 2026
  • कामिका एकादशी : 9 अगस्त 2026
  • श्रावण पुत्रदा एकादशी : 23 अगस्त 2026
  • अजा एकादशी : 7 सितंबर 2026
  • परिवर्तिनी एकादशी : 22 सितंबर 2026
  • इंदिरा एकादशी : 6 अक्टूबर 2026
  • पापांकुशा एकादशी : 22 अक्टूबर 2026
  • रमा एकादशी : 5 नवंबर 2026
  • देवउठनी एकादशी : 20 नवंबर 2026
  • उत्पन्ना एकादशी : 4 दिसंबर 2026
  • मोक्षदा एकादशी : 20 दिसंबर 2026

यह भी पढ़ें: पापमोचनी एकादशी व्रत कथा को सुनने से जीवन के कष्ट होते हैं दूर

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
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