[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion जून में कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

जून में कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

0
जून में कब रखा जाएगा निर्जला एकादशी का व्रत? जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
निर्जला एकादशी 2026

Nirjala Ekadashi 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी व्रत रखा जाता है. प्रत्येक एकादशी व्रत का नाम और महत्व अलग-अलग होता है. ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को निर्जला एकादशी कहा जाता है. इसे वर्ष भर में आने वाली सभी एकादशियों में सबसे कठिन व्रत माना जाता है. इस व्रत में अन्न के साथ-साथ जल का भी पूर्ण रूप से त्याग किया जाता है. मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से निर्जला एकादशी का व्रत रखता है, उसे वर्ष भर की सभी एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है.

निर्जला एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त

  • एकादशी तिथि का प्रारंभ: 24 जून 2026 को शाम 06:12 बजे से
  • एकादशी तिथि का समापन: 25 जून 2026 को रात 08:09 बजे तक
  • व्रत की मुख्य तिथि (उदयातिथि): 25 जून 2026, गुरुवार
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: 25 जून को सुबह 10:39 बजे से दोपहर 02:05 बजे तक

व्रत पारण का समय

किसी भी एकादशी व्रत का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब उसका पारण (व्रत खोलना) विधिपूर्वक और शुभ समय के भीतर किया जाए.

  • पारण की तिथि: 26 जून 2026, शुक्रवार
  • पारण का शुभ समय: सुबह 05:25 बजे से सुबह 08:13 बजे तक
  • द्वादशी तिथि का समापन: 26 जून 2026 को रात 10:22 बजे

निर्जला एकादशी की पूजा विधि

एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें. घर की साफ-सफाई करने के बाद स्नान करें. स्नान के जल में थोड़ा-सा गंगाजल मिलाना शुभ माना जाता है. इसके बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें. संभव हो तो पीले रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है. इसके बाद हाथ में जल और अक्षत लेकर भगवान विष्णु के समक्ष आंखें बंद कर श्रद्धा और निष्ठा के साथ निर्जला व्रत का संकल्प लें.

पूजा घर में एक चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. भगवान विष्णु का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और चीनी) से अभिषेक करें. इसके बाद उन्हें पीले चंदन या हल्दी का तिलक लगाएं तथा फल या मिठाई का भोग अर्पित करें.

भगवान को पीले फूल, फल, धूप, दीप, अक्षत और विशेष रूप से तुलसी दल अर्पित करें. इसके बाद आसन पर बैठकर भगवान विष्णु के महामंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जप करें या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. साथ ही निर्जला एकादशी व्रत कथा अवश्य पढ़ें या सुनें. अंत में घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत आरती करें तथा सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना करें.

यहां पढ़ें धर्म से जुड़ी खबरें: Religion News in Hindi – Spiritual News, Hindi Religion News, Today Panchang, Astrology at Prabhat Khabar

Previous article औरंगाबाद में 22 जून से शुरू होगा आर्द्रा मेला. सतबहिनी माई के दर्शन के लिए उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
Next article बेतिया: 45 पंचायतों में जन सहयोग शिविर, कल से प्रखंडों में दो दिवसीय मेगा कल्याण कैंप
Avatar Of Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel