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Newly Married Tips: विवाह के एक वर्ष तक महिलाएं भूलकर भी ना करें ये गलतियां

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Newly Married Tips: विवाह के एक वर्ष तक महिलाएं भूलकर भी ना करें ये गलतियां
शादी के बाद की नवविवाहित महिलाओं के नियम

Newly Married Tips: शादी का सीजन जोर पर है, लेकिन 15 दिसंबर के बाद इस वर्ष का शुभ मुहूर्त समाप्त हो जाएगा. 16 दिसंबर से खरमास शुरू होने के कारण 14 जनवरी तक शादियां नहीं होंगी. ऐसे में जो नई दुल्हनें गृहस्थ जीवन में कदम रख चुकी हैं, उनके लिए वैवाहिक जीवन का पहला वर्ष बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. धर्म और परंपरा में इसे समायोजन और सीख का समय कहा गया है. माना जाता है कि इस दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.

नीचे जानिए वे बातें जिनका ध्यान नवविवाहित महिलाओं को पहले एक वर्ष में खासतौर पर रखना चाहिए—

साल भर तक बाल न कटवाएं

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विवाह के एक वर्ष तक बाल न कटवाना शुभ माना गया है. कहते हैं कि ऐसा करने से सौभाग्य बढ़ता है और गृहस्थ जीवन में स्थिरता बनी रहती है. यह परंपरा पति की दीर्घायु से भी जुड़ी मानी जाती है.

मृत्यु भोज में शामिल न हों

शादी के बाद पहले वर्ष में किसी भी मृत्यु के भोजन या तेरहवीं संस्कार में शामिल होना वर्जित माना गया है. इससे नवविवाहिता के सौभाग्य पर असर पड़ता है और घर के सकारात्मक वातावरण में कमी आ सकती है.

शादी की सिंदूरदानी से ही सिंदूर लगाएं

शास्त्रों के अनुसार, विवाह के समय दी गई सिंदूरदानी को शुभ माना जाता है. पहले वर्ष में इसी सिंदूर का प्रयोग करना वैवाहिक जीवन की रक्षा और दांपत्य सुख बढ़ाने वाला माना गया है.

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शादी के वस्त्र-साड़ी संभालकर रखें

विवाह में पहने गए कपड़े शुभ ऊर्जा से भरे माने जाते हैं. इन्हें एक वर्ष तक सुरक्षित रखकर रखना परंपरा का हिस्सा है. इन्हें दान या त्याग करने से पहले वर्ष पूरा होने का इंतजार किया जाता है. धार्मिक परंपराएं बताती हैं कि विवाह का पहला वर्ष जीवनभर की नींव रखता है. इन सरल नियमों का पालन करने से घर में शांति, सौभाग्य और प्रेम बना रहता है, और नवविवाहित दंपति का जीवन शुभ मार्ग पर आगे बढ़ता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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