[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion मिथिला में वट सावित्री व्रत की धूम, नवविवाहिताएं करेंगी अखंड सौभाग्य की पूजा

मिथिला में वट सावित्री व्रत की धूम, नवविवाहिताएं करेंगी अखंड सौभाग्य की पूजा

0
मिथिला में वट सावित्री व्रत की धूम, नवविवाहिताएं करेंगी अखंड सौभाग्य की पूजा
मिथिलांचल में वट सावित्री व्रत को लेकर धूम

Vat Savitri Vrat 2026: अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना के साथ वट सावित्री व्रत 16 मई, शनिवार को मनाया जाएगा. इस बार व्रत का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इसी दिन शनि अमावस्या का संयोग बन रहा है. सुहागिन महिलाएं अपने पति की सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए व्रत रखेंगी. खासकर नवविवाहिताएं पहली बार पूरे विधि-विधान से वट सावित्री पूजा करेंगी. बाजारों में महिलाओं ने पूजा सामग्री, श्रृंगार और प्रसाद की खरीदारी शुरू कर दी है.

मिथिला में दिख रहा उत्सवी माहौल

मिथिला क्षेत्र में वट सावित्री व्रत को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है. यहां नवविवाहिताएं पहली बार ससुराल से आए वस्त्र और आभूषण पहनकर पूजा करती हैं. परंपरा के अनुसार पूजा से जुड़ी सभी सामग्री ससुराल से भेजी जाती है, जिसे ‘भार’ कहा जाता है. घरों में दो दिन पहले से ही उत्सव जैसा माहौल बन गया है. महिलाएं सज-धज कर वट वृक्ष के पास पहुंचती हैं और सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करती हैं.

अमावस्या तिथि का विशेष संयोग

पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5:11 बजे से शुरू होकर 17 मई की रात 1:30 बजे तक रहेगी. अधिक मास के कारण इस बार ज्येष्ठ माह में दो अमावस्या पड़ रही हैं, लेकिन परंपरा के अनुसार मुख्य वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या को ही किया जाएगा. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन पूजा करने से अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार में सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है.

वट वृक्ष की परिक्रमा का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं. महिलाएं चरखे से तैयार सूत को वट वृक्ष में लपेटते हुए परिक्रमा करती हैं. इसके बाद सत्यवान-सावित्री की कथा सुनी और सुनाई जाती है. बुजुर्ग महिलाएं कथा वाचन करती हैं. पूजा के दौरान बांस से बने बेना का भी उपयोग किया जाता है.

ये भी पढ़ें: बरगद न मिले तो कैसे करें वट सावित्री व्रत की पूजा?

प्रसाद का विशेष महत्व

वट सावित्री पूजा में आम, लीची और अंकुरित चना के प्रसाद का विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति से किए गए इस व्रत से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार पर आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं.

Previous article भागलपुर मंडी अपडेट : सोने-चांदी के दाम स्थिर, खाद्य पदार्थों की कीमतों में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं
Next article Raja Shivaji Box Office: राजा शिवाजी ने इस फिल्म के रिकॉर्ड को किया चकनाचूर, 14वें दिन की कमाई करेगी हैरान
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel