[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion मातंगी जयंती है आज, भूलकर भी न करें ये गलतियां

मातंगी जयंती है आज, भूलकर भी न करें ये गलतियां

0
मातंगी जयंती है आज, भूलकर भी न करें ये गलतियां
मातंगी जयंती 2026

Matangi Jayanti 2026: हर साल वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मातंगी जयंती मनाई जाती है. आदि शक्ति के दस महाविद्या स्वरूपों में से नौवीं शक्ति मां मातंगी हैं. माता मातंगी को ज्ञान, कला और संगीत की देवी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां मातंगी की साधना से जीवन से डर-भय दूर होता है, सुख-समृद्धि प्राप्त होती है और वाणी में सिद्धि आती है. हालांकि, इनकी पूजा के नियम अन्य देवियों से थोड़े भिन्न और विशिष्ट माने जाते हैं. आइए जानते हैं कि इस दिन किन चीजों को करना शुभ और किन चीजों से बचना चाहिए.

मातंगी जयंती के दिन क्या न करें?

माता मातंगी को ‘उच्छिष्ट चाण्डालिनी’ भी कहा जाता है. उनकी पूजा में कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक माना जाता है:

  • साफ-सफाई की अनदेखी न करें: इस दिन घर के किसी भी कोने में गंदगी न रहने दें. माना जाता है कि माता मातंगी को स्वच्छता और व्यवस्था अत्यंत प्रिय है.
  • कला और संगीत का अपमान न करें: चूंकि माता मातंगी कला की अधिष्ठात्री हैं, इसलिए इस दिन किसी कलाकार, वाद्य यंत्र या पुस्तक का अपमान भूलकर भी न करें.
  • वाणी पर नियंत्रण रखें: देवी मातंगी ‘वाक्’ (वाणी) की शक्ति हैं. मान्यता है कि इस दिन झूठ बोलना, अपशब्द कहना या घर में क्लेश करना माता को रुष्ट कर सकता है.
  • तामसिक भोजन का सेवन न करें: जयंती के पावन अवसर पर मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए.
  • अशुद्ध अवस्था में पूजा न करें: हालांकि कुछ विशेष साधनाओं में ‘उच्छिष्ट’ (जूठन) का भोग लगाने की परंपरा है, लेकिन सामान्य भक्तों को बिना स्नान किए या अशुद्ध अवस्था में पूजा नहीं करनी चाहिए.

मातंगी जयंती के दिन क्या करें?

  • नीम के पत्तों का प्रयोग करें: माता मातंगी की पूजा में नीम के पत्तों का विशेष महत्व होता है. उन्हें अर्पित करना शुभ माना जाता है.
  • संगीत साधना करें: यदि आप गायक या वादक हैं, तो इस दिन अपने वाद्य यंत्रों का पूजन करें.
  • दान-पुण्य करें: इस दिन जरूरतमंदों को सुहाग सामग्री या पीले वस्त्र दान करना फलदायी माना जाता है.
  • मंत्र जाप करें: शांति और एकाग्रता के साथ माता के बीज मंत्र का जाप करने से मानसिक स्पष्टता प्राप्त होती है.
  • सात्विक भोजन करें: इस दिन केवल सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए.

यह भी पढ़ें: आज मनाई जा रही है Matangi Jayanti, दस महाविद्याओं में है इनका विशेष स्थान

Previous article रांची में मकान बनाने के नाम पर बुजुर्ग से 6.94 लाख की ठगी, आरोपी पर केस दर्ज
Next article कानपुर में जुड़वां बेटियों की हत्या, मां ने कहा- मैं सोती रही मेरे पति ने सब खत्म कर दिया
Avatar Of Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel