[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion Margashirsha Purnima Puja Vidhi: 4 दिसंबर को है मार्गशीर्ष पूर्णिमा, ऐसे करें भगवान नारायण की पूजा, बदल सकती है किस्मत

Margashirsha Purnima Puja Vidhi: 4 दिसंबर को है मार्गशीर्ष पूर्णिमा, ऐसे करें भगवान नारायण की पूजा, बदल सकती है किस्मत

0
Margashirsha Purnima Puja Vidhi: 4 दिसंबर को है मार्गशीर्ष पूर्णिमा, ऐसे करें भगवान नारायण की पूजा, बदल सकती है किस्मत
Margashirsha Purnima Chand (AI Image)

Margashirsha Purnima Puja Vidhi: 4 दिसंबर को इस साल की आखिरी पूर्णिमा यानी मार्गशीर्ष पूर्णिमा पड़ रही है. इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा की जाती है. इस दिन पूजा-पाठ के साथ व्रत रखने का विशेष महत्व है. कहा जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यह पूजा और व्रत करता है, उस पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्र देव की कृपा बनी रहती है.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की पूजा शुरू करने से पहले क्या करें?

ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें – मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें.

स्वच्छ वस्त्र पहनें – स्नान के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें. इस दिन सफेद और पीले रंग के कपड़े पहनना बेहद शुभ माना जाता है.

पूजा स्थल की सफाई – स्वच्छ वस्त्र पहनने के बाद पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें.

गंगाजल का छिड़काव – पूजा स्थल में गंगाजल का छिड़काव करें और उसके बाद फूलों से सजाएँ.

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की पूजा कैसे करें?

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन सबसे पहले हाथों में जल लेकर भगवान नारायण का नाम जपते हुए व्रत और पूजा का संकल्प लें. इसके बाद भगवान नारायण और माता लक्ष्मी को धूप, अगरबत्ती, रोली, चंदन, फल, फूल, मिठाइयां और पीले रंग का वस्त्र अर्पित करें.फिर भोग लगाएँ और भगवान नारायण के मंत्रों का जाप करें. इसके बाद आरती करके पूजा पूर्ण करें.शाम के समय एक बार फिर भगवान नारायण की पूजा करें और उसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य दें.

चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?

चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए एक लौटा लें. चांदी या तांबे का लौटा उत्तम माना जाता है. लौटे में चावल, दूर्वा, फूल और जल डालें. इसके बाद चंद्रमा के मंत्रों का जाप करते हुए अर्घ्य अर्पित करें.

यह भी पढ़ें: Margashirsha Purnima 2025: मार्गशीर्ष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व, जानें बत्तीसी पूर्णिमा से इसका संबंध

यह भी पढ़ें: Margashirsha Purnima 2025: मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर करें मनोकामना पूरी करने वाले मंत्र का जप

यह भी पढ़ें: Margashirsha Purnima 2025: पूर्णिमा के दिन क्यों जरूरी है चंद्रमा की पूजा? जानें मार्गशीर्ष पूर्णिमा का रहस्य

Previous article Javitri Tea Recipe: रोजमर्रा की चाय से हटकर ट्राय करें जावित्री टी, सुबह को बनाएगी और भी हेल्दी
Next article राजनीति के बीच संचार साथी ऐप की सुनामी! 1 दिन में 10 गुना डाउनलोड
Avatar Of Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel