[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion आज मनाया जा रहा है माघ बिहू, असम में है इसका खास महत्व, जानें

आज मनाया जा रहा है माघ बिहू, असम में है इसका खास महत्व, जानें

0
आज मनाया जा रहा है माघ बिहू, असम में है इसका खास महत्व, जानें
Magh Bihu 2025

Magh Bihu 2025: माघ बिहू असम में आज 15 जनवरी को मनाया जा रहा है. यह पर्व जिसे भोगाली बिहू के नाम से भी जाना जाता है, एक फसल उत्सव है जो कटाई के अंत का प्रतीक है और पूरे असम में बड़े उत्सव और सामुदायिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है. माघ बिहू का उत्सव अक्सर दक्षिण भारत में पोंगल उत्सव और देश के पश्चिमी हिस्सों में मकर संक्रांति उत्सव के लगभग एक ही समय पर मनाया जाता है.

दो दिनों तक मनाया जाता है ये विशेष उत्सव

माघ बिहू का उत्सव दो दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें प्रत्येक दिन के लिए विशिष्ट परंपराएं होती हैं. पहले दिन को उरुका के नाम से जाना जाता है. इस दिन लोग मिलकर ‘मेजी’ (एक बड़ा अलाव) और ‘भेलाघर’ (घास-फूस से बना अस्थायी घर) तैयार करते हैं. युवा लोग खेतों से घास लाकर भेलाघर का निर्माण करते हैं. रात के समय परिवार और मित्र मेजी के चारों ओर इकट्ठा होते हैं, ढोल बजाते हैं, बिहू गीत गाते हैं और नई फसल के व्यंजनों का आनंद लेते हैं. दूसरे दिन का विशेष महत्व होता है. इस दिन सुबह-सुबह मेजी को जलाया जाता है, जो पुराने को समाप्त कर नए की शुरुआत का प्रतीक है. लोग अग्नि देव की पूजा करते हैं और हवन करते हैं.

माघ बिहू का महत्व

माघ बिहू का उत्सव असम में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है. माघ बिहू का उत्सव अलाव जलाने और अग्नि देवता की पूजा करने के इर्द-गिर्द घूमता है. लोग अक्सर बांस, पत्तियों और छप्पर से एक अस्थायी झोपड़ी बनाते हैं, जिसे मेजी और भेलाघर के नाम से जाना जाता है, और भेलाघर में वे दावत के लिए तैयार भोजन खाते हैं, और फिर अगली सुबह झोपड़ियों को जला देते हैं. सुंगा पिठा, तिल पिठा आदि जैसे चावल के केक और लारू नामक नारियल की कुछ अन्य मिठाइयों का उपयोग करके विशेष व्यंजन बनाना भी स्मरणोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

माघ बिहू के उत्सव को अक्सर एक सामुदायिक कार्यक्रम के रूप में देखा जाता है जो सभी को एक साथ लाता है. लोग इस दिन को मनाने के लिए पारंपरिक असमिया खेल जैसे ‘टेकेली भोंगा’ (बर्तन तोड़ना) और भैंसों की लड़ाई में भी शामिल होते हैं. हम आशा करते हैं कि माघ बिहू 2025 आपके जीवन को उस प्रेम, प्रकाश और खुशी से भर दे जिसके आप हकदार हैं.

Previous article Health Tips: महिलाओं को अपने डायट में क्यों शामिल करना चाहिए पालक? जानें 5 कमाल के फायदे
Next article Indian Army Day Quotes 2025 : इस तरह भेजें आर्मी डे की हार्दिक शुभकामनाएं
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel