[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion Kharmas 2024: खरमास का हुआ प्रारंभ, जानिए इस माह क्या करें और क्या नहीं

Kharmas 2024: खरमास का हुआ प्रारंभ, जानिए इस माह क्या करें और क्या नहीं

0
Kharmas 2024: खरमास का हुआ प्रारंभ, जानिए इस माह क्या करें और क्या नहीं
Kharmas 2024

Kharmas 2024: खरमास का समय 15 दिसंबर से प्रारंभ हो चुका है. यह अवधि 14 जनवरी, मंगलवार को मकर संक्रांति के दिन समाप्त होगी. हिंदू पंचांग के अनुसार, खरमास एक विशेष काल है जब सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करता है. इस दौरान सूर्य की स्थिति कमजोर होती है, जिसके कारण शुभ कार्यों में रुकावट आती है. यह लगभग 30 दिनों की अवधि होती है और इसे धार्मिक साधना, पूजा, ध्यान और आत्मविश्लेषण के लिए उपयुक्त माना जाता है.

खरमास में न करें ये कार्य

पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस अवधि में सूर्य देव के रथ में खर यानी गधे जुड़ जाते हैं, जिससे उनकी गति मंद हो जाती है. इसी कारण इसे खरमास कहा जाता है. यह समय अशुभ फल देने वाला माना जाता है, इसलिए खरमास के दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे गृह प्रवेश, विवाह, सगाई, मुंडन, उपनयन संस्कार आदि के साथ-साथ कोई नया कार्य या व्यापार आरंभ नहीं करना चाहिए.

Aaj 16 December 2024 Ka Rashifal: कन्या राशि वाले वाणी पर नियंत्रण रखें, जानें आज 16 दिसंबर 2024 का राशिफल

करें ये कार्य

खरमास के दौरान भगवान सूर्य की पूजा अर्चना करनी चाहिए. प्रतिदिन सुबह उठकर सूर्य स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें, साथ ही मंत्र जाप करें. खरमास में जप, तप, दान आदि करने से आपके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट समाप्त होते हैं और आपको शुभ फल की प्राप्ति होती है. इस महीने पवित्र नदियों में स्नान करने का विशेष महत्व है, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है.

खरमास का महत्व

खरमास के दौरान जरूरतमंदों को दान और दक्षिणा देना अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे व्यक्ति के भाग्य में वृद्धि होती है. इस समय पूजा-पाठ का विशेष ध्यान रखना चाहिए और ब्राह्मणों को भोजन कराना आवश्यक है. ऐसा करने से सभी प्रकार के दोषों से मुक्ति मिलती है. खरमास में गाय को हरी घास देना और मंदिर में पूजा सामग्री अर्पित करना भी शुभ माना जाता है, जिससे सूर्यदेव की कृपा बनी रहती है.

Previous article Weight Loss Tips: एक महीने में 10 किलो वजन कम करने के लिए फॉलो करें ये 5 टिप्स
Next article Parenting Tips: तेरह साल की उम्र से पहले आने बच्चों को सिखाएं ये चीजें
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel