[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion Karwa Chauth 2024: जानें करवा माता के बारे में, ऐसे पड़ा करवा चौथ का नाम

Karwa Chauth 2024: जानें करवा माता के बारे में, ऐसे पड़ा करवा चौथ का नाम

0
Karwa Chauth 2024: जानें करवा माता के बारे में, ऐसे पड़ा करवा चौथ का नाम
Karwa Chauth 2024

Karwa Chauth 2024, Karwa Mata Puja Vidhi: दांपत्‍य जीवन में मिठास और संबंधों को और अधिक दृढ़ बनाने वाला त्‍योहार करवा चौथ इस वर्ष 20 अक्टूबर, रविवार को मनाया जाएगा. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं और शाम को चांद को अर्घ्‍य देकर तथा छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर अपना व्रत समाप्त करती हैं.

करवा चौथ के नाम का अर्थ क्या होता है ?

‘करवाचौथ’ शब्द ‘करवा’ अर्थात ‘मिट्टी का बर्तन’ और ‘चौथ’ अर्थात ‘चतुर्थी’ से मिलकर बना है. इस पर्व पर मिट्टी के करवे का विशेष महत्व होता है. सभी विवाहित महिलाएं पूरे वर्ष इस त्योहार की प्रतीक्षा करती हैं और इसकी सभी रस्मों को श्रद्धा के साथ निभाती हैं. करवाचौथ का यह पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और मजबूत संबंधों का प्रतीक है.

Karwa Chauth 2024: कुंवारी लड़कियां भी रख सकती है करवा चौथ का व्रत, जानें नियम

Karwa Chauth 2024 Date: कब मनाया जाएगा करवा चौथ, जानिए तारीख, पूजा का समय, महत्व समेत अन्य जानकारी

करवा चौथ का व्रत

महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत का पालन करती हैं और सोलह श्रृंगार करके शिव, पार्वती, करवा माता, गणेश तथा चंद्रमा की पूजा करती हैं. इस अवसर पर महिलाएं व्रत के सभी नियमों का सख्ती से पालन करती हैं और करवा माता से अपने पति और परिवार की समृद्धि की प्रार्थना करती हैं. लेकिन क्या आपने कभी यह विचार किया है कि करवा माता वास्तव में कौन हैं और इस त्योहार का नाम करवा चौथ क्यों रखा गया है? आइए, करवा माता के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करें.

प्राचीन पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय की बात है, करवा नाम की एक पतिव्रता स्त्री अपने पति के साथ रहती थी, जो उम्र में काफी बड़े थे. एक दिन, जब उनका पति स्नान के लिए नदी में गए, तो अचानक एक मगरमच्छ ने उनके पैर को पकड़ लिया और उन्हें गहरे पानी की ओर खींचने लगा. करवा के पति ने उन्हें पुकारा और मदद की गुहार लगाई. करवा, जो अपने पतिव्रता धर्म के प्रति अडिग थी, तुरंत वहां पहुंची. उन्होंने अपनी सूती साड़ी से एक धागा निकालकर अपने तपोबल से मगरमच्छ को बांध दिया. इसके बाद, करवा उस मगरमच्छ को लेकर यमराज के पास गई. यमराज ने उनसे पूछा कि देवी, आप यहां क्यों आई हैं और आपकी क्या इच्छा है.


करवा ने कहा कि इस मगरमच्छ ने मेरे पति के पैर को पकड़ लिया था, इसलिए इसे मृत्युदंड दिया जाए और नरक में भेजा जाए. यमराज ने उत्तर दिया कि मगरमच्छ की आयु अभी समाप्त नहीं हुई है, इसलिए उसे समय से पहले नहीं मार सकते. करवा ने कहा कि यदि आप मगरमच्छ को मृत्युदंड नहीं देंगे और मेरे पति को दीर्घायु का वरदान नहीं देंगे, तो मैं अपने तपोबल से आपको समाप्त कर दूंगी. करवा की बात सुनकर यमराज और चित्रगुप्त आश्चर्यचकित हो गए और विचार में पड़ गए कि क्या किया जाए. अंततः यमराज ने मगरमच्छ को यमलोक भेजने का निर्णय लिया और करवा के पति को दीर्घायु का आशीर्वाद दिया.


चित्रगुप्त ने करवा को सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देते हुए कहा कि तुमने अपने पति की जान की रक्षा की है, जिससे मैं अत्यंत प्रसन्न हूं. मैं यह वरदान देता हूं कि जिस दिन की तिथि पर कोई महिला श्रद्धा और विश्वास के साथ तुम्हारा व्रत करेगी, उसके सौभाग्य की रक्षा मैं स्वयं करूंगा. उस दिन कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि थी, जिसके कारण करवा और चौथ के मिलन से इस व्रत का नाम करवा चौथ पड़ा. इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के निर्देश पर पांडवों की पत्नी द्रौपदी ने इस व्रत को किया, जिसका उल्लेख वराह पुराण में मिलता है.

Previous article करवा चौथ पर अर्धांगिनी को गहना गिफ्ट करना पड़ेगा महंगा, सोने का दाम आसमान पर
Next article Salman Khan को लॉरेंस बिश्नोई से मिल रही धमकियों पर खेसारी लाल यादव ने तोड़ी चुप्पी, कहा- छोटी चीज तो…
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel