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कैथा मंदिर का चमत्कारी जल, कान रोग ठीक होने की है यहां मान्यता

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कैथा मंदिर का चमत्कारी जल, कान रोग ठीक होने की है यहां मान्यता
कैथा मंदिर रामगढ़

Kaitha Mandir Ramgarh: कैथा मंदिर झारखंड के रामगढ़ जिले का एक प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर है. यह मंदिर रामगढ़ से गोला जाने वाले मार्ग पर नेशनल हाईवे-23 के किनारे स्थित है. यह जगह रामगढ़ का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल माना जाता है. सड़क से गुजरने वाले लोग इसकी भव्य इमारत को देखकर आकर्षित हो जाते हैं.

कैथा मंदिर की खास बनावट

कैथा मंदिर लगभग 350 साल पुराना बताया जाता है. यह मंदिर दो मंजिला है. मंदिर की ऊपरी मंजिल पर भगवान शिव का सुंदर मंदिर बना हुआ है, जबकि नीचे की मंजिल अब खंडहर जैसी दिखती है. मंदिर की बनावट इतनी अनोखी है कि यह किसी किले जैसा दिखाई देता है. इसकी वास्तुकला में बंगाल, राजपूत और मुगल शैली का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है.

कैथा मंदिर का इतिहास

माना जाता है कि साल 1670 में जब रामगढ़ की राजधानी पदमा से रामगढ़ लाई गई, तब वहां के महाराजा ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था. उस समय इस मंदिर का उपयोग सैन्य कार्यों के लिए भी किया जाता था. मंदिर में शिवलिंग जमीन से लगभग 12 फीट ऊंचाई पर स्थित है. यहां एक साथ दो शिवलिंग की पूजा की जाती है, जो इस मंदिर को और खास बनाता है.

सांपों से जुड़ा अनोखा रहस्य

इस मंदिर की एक खास बात यह भी है कि यहां कई जहरीले सांप रहते हैं. लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि ये सांप कभी भी यहां आने वाले भक्तों को नुकसान नहीं पहुंचाते. लोग इसे भगवान शिव का चमत्कार मानते हैं.

कैथा मंदिर और कान के रोग ठीक होने की मान्यता

यहां आने वाले भक्तों की गहरी आस्था है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद उस जल को कान में डालने से कान के रोग ठीक हो जाते हैं. कहा जाता है कि पुराने से पुराने कान बहने की समस्या भी यहां के जल से ठीक हो जाती है.

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आस्था और आकर्षण का केंद्र

कैथा मंदिर सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और रहस्य का अनोखा संगम है. यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं और अपनी मनोकामना मांगते हैं.

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