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Home Religion ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व: भगवान जगन्नाथ महास्नान और आस्था से जुड़ी पौराणिक परंपराएं

ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व: भगवान जगन्नाथ महास्नान और आस्था से जुड़ी पौराणिक परंपराएं

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ज्येष्ठ पूर्णिमा का महत्व: भगवान जगन्नाथ महास्नान और आस्था से जुड़ी पौराणिक परंपराएं
ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026

सलिल पांडेय
मिर्जापुर

Jyeshtha Purnima 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा को हिंदू परंपरा में अत्यंत पवित्र दिन माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सूर्य की ऊर्जा विशेष स्थिति में होती है और दिन धीरे-धीरे छोटी अवधि की ओर बढ़ने लगता है. इस पूर्णिमा के लगभग 25 दिन बाद आषाढ़ शुक्ल एकादशी आती है, जिसे देवशयनी एकादशी कहा जाता है. इसी दिन भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं, जिसके बाद चार महीने तक मांगलिक कार्यों पर विराम माना जाता है.

भगवान जगन्नाथ और महास्नान की परंपरा

ज्येष्ठ पूर्णिमा को भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के प्रकट दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर में इस दिन भव्य स्नान यात्रा का आयोजन होता है, जिसमें भगवान की प्रतिमाओं को 108 कलशों से स्नान कराया जाता है. स्नान के बाद उन्हें एकांत कक्ष में रखा जाता है, जहां वे “अनासर” अवधि में रहते हैं. इसके बाद भक्तों को विशेष रूप से 56 भोग अर्पित किए जाते हैं.

पौराणिक मान्यताएं और जगन्नाथ जन्म कथा

स्कंद पुराण के अनुसार, ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन ही राजा इंद्रद्युम्न द्वारा स्थापित विशाल मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की दारु (लकड़ी) से बनी मूर्तियों का प्राकट्य हुआ था. इसी कारण यह दिन भगवान जगन्नाथ के प्रकट दिवस के रूप में भी मनाया जाता है. यह परंपरा आस्था और सांस्कृतिक विरासत का गहरा प्रतीक है.

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कबीर और जीवन दर्शन की सीख

भारतीय संत कबीर ने अपने दोहों के माध्यम से समाज को सरलता और सत्य का संदेश दिया. उनके अनुसार मानव जीवन का उद्देश्य आंतरिक शुद्धता और कर्म की सच्चाई है. कबीर की शिक्षाएं आज भी लोगों को नैतिकता, सादगी और आत्मचिंतन की प्रेरणा देती हैं, जो धार्मिक उत्सवों के आध्यात्मिक महत्व को और भी गहरा बनाती हैं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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