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मृत्यु को याद रखो, जीवन सुधरेगा: जया किशोरी का गहरा संदेश

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मृत्यु को याद रखो, जीवन सुधरेगा: जया किशोरी का गहरा संदेश
जया किशोरी का जीवन संदेश

Jaya Kishori message: प्रसिद्ध कथा वाचिका जया किशोरी अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों को भक्ति, जीवन मूल्यों और आध्यात्मिकता का संदेश देती हैं. उनके अनुसार श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने वाली अमृतधारा है. यह कथा हमें जीवन का सच्चा उद्देश्य समझाती है और भगवान की भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है.

नीचे दिए गए प्रसंग के माध्यम से जया किशोरी ने जीवन, मृत्यु, संगत और समर्पण का गहरा संदेश दिया है.

संगत का जीवन पर गहरा प्रभाव

जया किशोरी बताती हैं कि मनुष्य के जीवन में संगत यानी साथियों का बहुत बड़ा महत्व होता है. व्यक्ति जिस तरह के लोगों के साथ रहता है, धीरे-धीरे वैसा ही उसका स्वभाव बन जाता है.

अगर मनुष्य अच्छे विचारों वाले लोगों के साथ रहता है तो उसके विचार, व्यवहार और जीवन भी सकारात्मक बन जाते हैं. वहीं यदि संगत गलत हो तो उसका प्रभाव भी नकारात्मक पड़ता है. यही कारण है कि माता-पिता हमेशा अपने बच्चों की मित्र मंडली और संगत पर ध्यान देते हैं.

मनुष्य जिस व्यक्ति के साथ अधिक समय बिताता है, वह अनजाने में ही उसकी भाषा, आदतें और सोच को अपनाने लगता है. इसलिए यदि जीवन में आगे बढ़ना है और कुछ अच्छा करना है, तो अच्छे मित्रों और सकारात्मक सोच वाले लोगों की संगति करना बेहद जरूरी है.

मृत्यु का स्मरण जीवन को सुधार देता है

जया किशोरी एक सुंदर प्रसंग के माध्यम से समझाती हैं कि यदि मनुष्य हर पल मृत्यु को याद रखे तो उसका जीवन अपने आप सुधर सकता है.

उन्होंने एक कहानी सुनाई कि एक व्यक्ति अपने भविष्य के बारे में जानने के लिए एक संत के पास गया. संत ने उससे कहा कि उसकी मृत्यु केवल 10 दिनों में होने वाली है. यह सुनकर वह व्यक्ति घबरा गया और अगले दस दिनों में उसने अपने जीवन को पूरी तरह बदल दिया.

उसने जिन लोगों को दुख पहुंचाया था उनसे माफी मांगी, भगवान की भक्ति में मन लगाया और दान-पुण्य करना शुरू कर दिया. लेकिन जब 15 दिन बाद भी वह जीवित रहा तो वह संत के पास गया और पूछा कि आपने मुझे गलत क्यों बताया?

तब संत ने मुस्कुराकर कहा कि जो परिवर्तन तुम्हारे जीवन में आया, वह पहले क्यों नहीं आया? जब तुम्हें लगा कि मृत्यु सामने खड़ी है, तब तुमने सही जीवन जीना शुरू कर दिया.

इस प्रसंग का संदेश यह है कि यदि मनुष्य हर दिन यह याद रखे कि जीवन अनिश्चित है और अगला पल किसी को नहीं पता, तो वह झगड़े, लालच और बुरे कर्मों से दूर हो जाएगा और प्रेम, भक्ति तथा अच्छे कर्मों की ओर बढ़ेगा.

भजन-कीर्तन में ताली बजाने का महत्व

कथा में आगे जया किशोरी ने भजन और कीर्तन में ताली बजाने के महत्व को भी समझाया.

उनके अनुसार ताली बजाने से मन में ऊर्जा का संचार होता है. इससे आलस्य और नकारात्मकता दूर होती है और मनुष्य का अहंकार भी कम होता है. जब व्यक्ति पूरे मन से भजन और कीर्तन में शामिल होता है, तो उसका मन भगवान की भक्ति में अधिक एकाग्र हो जाता है.

सुखदेव मुनि की कथा से मिलने वाली शिक्षा

कथा के दौरान सुखदेव मुनि के जन्म का प्रसंग भी बताया गया. मान्यता है कि भगवान शिव एक बार माता पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे. उसी समय एक तोते के बच्चे ने यह कथा सुन ली.

आगे चलकर वही तोता महान ऋषि सुखदेव मुनि के रूप में जन्मे. बाद में उन्होंने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई. इस कथा के माध्यम से राजा परीक्षित को मोक्ष का मार्ग प्राप्त हुआ.

यह प्रसंग बताता है कि भगवान की कथा और भक्ति मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की ओर ले जाती है.

भक्ति में समर्पण सबसे महत्वपूर्ण

कथा का सबसे महत्वपूर्ण संदेश समर्पण है. जया किशोरी कहती हैं कि भक्ति का पहला कदम समर्पण होता है. जब मनुष्य अपने अहंकार को छोड़कर पूरी श्रद्धा के साथ भगवान पर विश्वास करता है, तब भगवान भी उसकी सहायता अवश्य करते हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि जीवन अनिश्चित है, इसलिए भगवान की भक्ति को बुढ़ापे तक टालना उचित नहीं है. जब मनुष्य युवा और सक्षम होता है, तभी उसे भगवान का स्मरण, भजन और शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए.

अंत में यही संदेश दिया गया कि ज्ञान का मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन भक्ति का मार्ग सरल और प्रभावी है. सच्ची श्रद्धा और प्रेम से की गई भक्ति से भगवान स्वयं भक्त के जीवन में आ जाते हैं और उसका मार्गदर्शन करते हैं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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