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Home Religion Jaya Ekadashi Aarti: जया एकादशी व्रत में भूलकर भी न छोड़ें ये आरती, वरना पूजा मानी जाएगी अधूरी

Jaya Ekadashi Aarti: जया एकादशी व्रत में भूलकर भी न छोड़ें ये आरती, वरना पूजा मानी जाएगी अधूरी

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Jaya Ekadashi Aarti: जया एकादशी व्रत में भूलकर भी न छोड़ें ये आरती, वरना पूजा मानी जाएगी अधूरी
भगवान विष्णु की आरती

Jaya Ekadashi: आज, 29 जनवरी 2026 को जया एकादशी मनाई जा रही है. इस दिन भक्त भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए विधि-विधान से पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं. धार्मिक मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस व्रत को करता है, उसे पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इस पूजा के दौरान भगवान विष्णु की आरती अवश्य करनी चाहिए. आरती करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मन को शांति मिलती है.

भगवान विष्णु की आरती

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय…॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय…॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतर्यामी।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय…॥

तुम करुणा के सागर, तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय…॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय…॥

दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय…॥

विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय…॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण, क्या लागे मेरा॥ ॐ जय…॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय…॥

आरती करने के आध्यात्मिक लाभ

मानसिक शांति– आरती के स्वर मन को एकाग्र करते हैं, जिससे तनाव कम होता है.

नकारात्मकता का नाश– मान्यता है कि घर में कपूर और दीया जलाकर आरती करने से वातावरण शुद्ध होता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.

पुण्य फल की प्राप्ति– मान्यता है कि जो व्यक्ति एकादशी की कथा सुनने के बाद आरती करता है, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है.

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