[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion झारखंड का जलीय सूर्य मंदिर: तालाब के बीच खड़ा दिव्य धाम

झारखंड का जलीय सूर्य मंदिर: तालाब के बीच खड़ा दिव्य धाम

0
झारखंड का जलीय सूर्य मंदिर: तालाब के बीच खड़ा दिव्य धाम
जलिय सूर्य मंदिर गिरिडीह

Jaliye Surya Mandir: जलीय सूर्य मंदिर झारखंड के गिरिडीह जिले में जमुआ-देवघर मार्ग पर मिर्जागंज-जगन्नाथडीह क्षेत्र में स्थित है. यह मंदिर अपने अनोखे जलीय स्वरूप के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. तालाब के बीच स्थित होने की वजह से यह स्थान श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

 कमल के आकार में अद्भुत निर्माण

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनूठी वास्तुकला है. पूरा मंदिर एक बड़े तालाब के बीचों-बीच कमल के फूल के आकार में बनाया गया है, जो देखने में बेहद आकर्षक लगता है. पानी में इसका प्रतिबिंब एक दिव्य और शांत वातावरण बनाता है. मंदिर गोलाकार संरचना में बना है और इसके चारों ओर लगभग छह समान द्वार हैं. मान्यता है कि इसे रथ के पहियों की शैली में तैयार किया गया है, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाता है.

धार्मिक महत्व और छठ पूजा

यह मंदिर भगवान सूर्य देव (भास्कर) को समर्पित है और विशेष रूप से छठ पूजा के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में मनाए जाने वाले इस महापर्व के अवसर पर यहां लगभग 10 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. गर्भगृह में भगवान सूर्य की प्रतिमा स्थापित है, जहां विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.

निर्माण इतिहास और लोकप्रियता

इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1992 में शुरू हुआ था और 2002 में यह पूरी तरह तैयार हुआ. तब से लेकर आज तक यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. गिरिडीह ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां दर्शन करने आते हैं.

सुविधाएं और व्यवस्था

मंदिर परिसर के पास धर्मशाला की सुविधा उपलब्ध है, जहां शादी-विवाह और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. श्रद्धालुओं के बैठने की भी उचित व्यवस्था है. मंदिर सुबह 5 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है, जबकि रविवार को बंद रहता है.

ये भी देखें: आंजन धाम, जहां माता अंजनी की गोद में विराजे हनुमान

जलीय सूर्य मंदिर मिर्जागंज अपनी अनोखी बनावट, धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के कारण एक ऐसा स्थल है, जहां आस्था और शांति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.

Previous article क्या ‘धुरंधर 2’ का जादू खत्म हो रहा है? 23वें दिन कैसा रहा बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन?
Next article Video : कब और क्यों अपसेट हो जाते हैं वैभव सूर्यवंशी? खुद दिया इस सवाल का जवाब
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel