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Home Religion आज अक्षय तृतीया से शुरू हो रही है चंदन यात्रा की पवित्र परंपरा

आज अक्षय तृतीया से शुरू हो रही है चंदन यात्रा की पवित्र परंपरा

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आज अक्षय तृतीया से शुरू हो रही है चंदन यात्रा की पवित्र परंपरा
जगन्नाथ पुरी की चंदन यात्रा आज से आरंभ

Jagannath Puri Rath Yatra: ओडिशा के जगन्नाथ मंदिर में मनाई जाने वाली चंदन यात्रा एक अत्यंत पवित्र और भव्य उत्सव है. यह उत्सव लगभग 42 दिनों तक चलता है और भक्तों के लिए विशेष आस्था का केंद्र होता है. इस दौरान मंदिर में विशेष तैयारियां की जाती हैं और देश-विदेश से श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं. चंदन यात्रा दो भागों—बाहरी (बहार) और भीतरी (भीतर)—में मनाई जाती है.

अक्षय तृतीया से होती है शुरुआत

चंदन यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया के दिन होता है. इसी दिन एक महत्वपूर्ण परंपरा ‘रथ अनुकूल’ भी निभाई जाती है, जिसमें भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए लकड़ी पर पहली कुल्हाड़ी चलाई जाती है. यह रथ निर्माण की आधिकारिक शुरुआत मानी जाती है. परंपराओं के अनुसार, यह उत्सव भगवान को गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से मनाया जाता है, ठीक वैसे ही जैसे वृंदावन में बांके बिहारी मंदिर में भगवान को चंदन का लेप लगाया जाता है.

संत माधवेंद्र पुरी से जुड़ी परंपरा

चंदन यात्रा की परंपरा महान संत माधवेंद्र पुरी की भक्ति से भी जुड़ी हुई है. मान्यता है कि भगवान ने उन्हें स्वप्न में आकर चंदन लाने का आदेश दिया था. तभी से भगवान के श्रीविग्रह पर चंदन का लेप लगाने की यह परंपरा शुरू हुई, जो आज भी श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाई जाती है.

चंदन यात्रा के दो प्रमुख भाग

यह उत्सव दो चरणों में मनाया जाता है—बहार चंदन और भीतर चंदन. बहार चंदन यात्रा अक्षय तृतीया से शुरू होकर 21 दिनों तक चलती है. इस दौरान भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के लिए रथों का निर्माण किया जाता है और मुख्य देवताओं की प्रतिनिधि मूर्तियों की पूजा की जाती है. इन मूर्तियों को शोभायात्रा के रूप में नरेंद्र तीर्थ तक ले जाया जाता है.

इसके बाद अगले 21 दिनों तक भीतर चंदन यात्रा का आयोजन होता है, जिसमें कई विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं. इस अवधि में अमावस्या, पूर्णिमा, षष्ठी और शुक्ल पक्ष की एकादशी जैसे अवसरों पर विशेष सवारियां निकाली जाती हैं.

चंदन यात्रा का उद्देश्य

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख और ज्येष्ठ के महीनों में अत्यधिक गर्मी पड़ती है. ऐसे में भगवान जगन्नाथ को ठंडक पहुंचाने के लिए उनके विग्रह पर चंदन का लेप लगाया जाता है. भक्त भी इस दौरान विभिन्न सेवाओं के माध्यम से भगवान को गर्मी से राहत देने का प्रयास करते हैं.

रथयात्रा से जुड़ा संबंध

चंदन यात्रा का सीधा संबंध प्रसिद्ध रथयात्रा से भी है, जिसकी शुरुआत आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से होती है. वर्ष 2026 में यह पर्व 16 जुलाई को मनाया जाएगा. इस प्रकार चंदन यात्रा भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा की तैयारियों का प्रारंभिक और महत्वपूर्ण चरण मानी जाती है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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