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Home Religion होलिका दहन और चंद्रग्रहण को लेकर ना हों कंफ्यूज, जानें सही समय और भद्रा का प्रभाव

होलिका दहन और चंद्रग्रहण को लेकर ना हों कंफ्यूज, जानें सही समय और भद्रा का प्रभाव

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होलिका दहन और चंद्रग्रहण को लेकर ना हों कंफ्यूज, जानें सही समय और भद्रा का प्रभाव
होलिका दहन और चंद्रग्रहण

राजकुमार लाल (रांची)

Holika Dahan 2026 and Chandra Grahan: इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को किया जाएगा, लेकिन समय को लेकर अलग-अलग पंचांगों में थोड़ा अंतर है. वाराणसी पंचांग के अनुसार 2 मार्च की शाम 5:18 बजे से भद्रा लग जाएगी, जो रात्रि शेष 4:56 बजे तक रहेगी. भद्रा काल में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता, इसलिए 4:56 बजे के बाद ही दहन किया जाएगा. हालांकि, एक अन्य वाराणसी पंचांग के अनुसार रात 11:54 बजे से 12:50 बजे के बीच भद्रा पुच्छ में होलिका दहन किया जा सकता है, जिसे मान्य माना गया है.. मैथिली पंचांग के अनुसार भी भद्रा के कारण 5:10 बजे के बाद ही होलिका दहन करना उचित रहेगा.

पूर्णिमा के दिन मनाएं जाएंगे अन्य पर्व भी

2 मार्च को ही फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा. इस दिन शाम 5:18 बजे से पूर्णिमा तिथि शुरू होगी, जो 3 मार्च की शाम 4:35 बजे तक रहेगी. इसी दिन स्नान-दान की पूर्णिमा, चैतन्य महाप्रभु की जयंती और डोलयात्रा भी मनाई जाएगी. उदयकालीन पूर्णिमा मिलने के कारण अधिकतर स्थानों पर रंगों का पर्व होली 4 मार्च को मनाया जाएगा. लेकिन काशी में परंपरा के अनुसार 3 मार्च को ही होली खेली जाएगी.

होला अष्टक का महत्व

मंगलवार से होला अष्टक शुरू हो चुका है. इसका समापन होलिका दहन के साथ होगा. मान्यता है कि होला अष्टक के आठ दिनों में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, जैसे विवाह, गृह प्रवेश या नया काम शुरू करना वर्जित होता है. पंडित कौशल कुमार मिश्र के अनुसार इस अवधि में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए.

3 मार्च को चंद्रग्रहण

3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण भी लगेगा. इसलिए इस दिन होली खेलना शुभ नहीं माना जा रहा है. यह ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में लगेगा. ग्रहण का स्पर्श दोपहर 3:20 बजे होगा, मध्यकाल शाम 5:05 बजे और मोक्ष 6:48 बजे होगा. रांची में यह ग्रहण लगभग 5:51 बजे चंद्रोदय के समय दिखाई देगा. चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है. इसलिए मंगलवार सुबह 8:51 बजे के बाद मंदिरों के पट बंद कर दिए जाएंगे और शाम 6:48 बजे के बाद फिर खोले जाएंगे. यह ग्रहण भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया और रूस में भी दिखाई देगा. ग्रहण की कुल अवधि लगभग 1 घंटा 19 मिनट की होगी, जबकि खंड चंद्रग्रहण की अवधि 3 घंटे 28 मिनट बताई गई है.

वर्ष 2026-27 के ग्रहण

  • वर्ष 2026-27 में कुल तीन ग्रहण लगेंगे. इनमें दो सूर्य ग्रहण और एक चंद्र ग्रहण शामिल है.
  • 12 अगस्त को खग्रास सूर्य ग्रहण लगेगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा.
  • 28 अगस्त को खंड चंद्रग्रहण लगेगा, जो भारत में दृश्य नहीं होगा.
  • 6 फरवरी 2027 को कंकणाकृति सूर्यग्रहण लगेगा, यह भी भारत में नहीं दिखेगा.

रंगभरी एकादशी से होली का उत्सव आरंभ

27 फरवरी को रंगभरी एकादशी है. इस दिन रात 9:58 बजे तक एकादशी तिथि रहेगी. काशी में इसी दिन से होली उत्सव की शुरुआत मानी जाती है. श्री राम जानकी तपोवन मंदिर में शाम 4 बजे से होली मिलन कार्यक्रम होगा. महंत ओम प्रकाश शरण ने बताया कि इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है.

प्रदोष व्रत और विशेष योग

1 मार्च को प्रदोष व्रत रखा जाएगा. इस दिन रवि पुष्य योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो पूजा-अर्चना, मंत्र सिद्धि और यंत्र निर्माण के लिए बहुत शुभ माना जाता है. साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और यायी जयद योग भी बन रहे हैं. इन शुभ संयोगों के कारण 1 मार्च का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी माना जा रहा है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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