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Home Religion होलिका दहन की अग्नि से दूर रहें ये 5 लोग

होलिका दहन की अग्नि से दूर रहें ये 5 लोग

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होलिका दहन की अग्नि से दूर रहें ये 5 लोग
होलिका दहन की धार्मिक मान्यताएं

Holika Dahan 2026: होली का पर्व दो दिन मनाया जाता है. फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन होता है और अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है. होलिका दहन में लोग लकड़ियां और उपले इकट्ठा कर अग्नि जलाते हैं. यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान विष्णु की कृपा से होलिका अग्नि में जल गई थीं, जबकि प्रह्लाद सुरक्षित बच गए थे.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ लोगों को होलिका दहन की अग्नि देखने से बचने की सलाह दी जाती है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि वे कौन-कौन लोग हैं.

नई दुल्हन

हिंदू परंपरा में कहा जाता है कि शादी के बाद पहली होली नई दुल्हन अपने मायके में मनाती है. मान्यता है कि उसे ससुराल में रहकर होलिका दहन नहीं देखना चाहिए. कथा के अनुसार, होलिका का विवाह इलोजी से होना था, लेकिन विवाह से पहले ही वह प्रह्लाद को लेकर अग्नि में बैठ गईं और जलकर भस्म हो गईं. इस घटना के कारण नई दुल्हन को होलिका दहन से दूर रखने की परंपरा बनी.

सास और बहू

एक मान्यता यह भी है कि सास और बहू को साथ खड़े होकर होलिका दहन नहीं देखना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इससे रिश्तों में तनाव या मतभेद बढ़ सकते हैं. इसलिए कई परिवारों में इस बात का ध्यान रखा जाता है कि दोनों एक साथ अग्नि दर्शन न करें.

इकलौती संतान की मां

लोक मान्यताओं के अनुसार, जिन माता-पिता की केवल एक ही संतान है, उन्हें भी होलिका दहन देखने से बचना चाहिए. इसका कारण यह बताया जाता है कि प्रह्लाद अपने पिता हिरण्यकश्यप की इकलौती संतान थे. इसी कथा से जुड़ी भावना के कारण यह परंपरा चली आ रही है.

गर्भवती महिलाएं

गर्भवती महिलाओं को भी होलिका दहन स्थल से दूर रहने की सलाह दी जाती है. धार्मिक कारणों के साथ-साथ इसका एक व्यावहारिक कारण भी है. अग्नि की तेज गर्मी और धुआं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, जो मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए ठीक नहीं है.

ये भी देखें: भद्रा और चंद्रग्रहण के बीच होलिका दहन

नवजात शिशु

नवजात बच्चों को भी होलिका दहन स्थल पर नहीं ले जाया जाता. मान्यता है कि वहां नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है. साथ ही, धुआं और भीड़भाड़ छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है. इन मान्यताओं का पालन आस्था और परंपरा के आधार पर किया जाता है. हालांकि, आज के समय में लोग धार्मिक विश्वास के साथ-साथ स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी ध्यान में रखते हैं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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