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Home Religion क्या सिर्फ बेटे का होता है अंतिम संस्कार पर अधिकार, जानें क्या कहता है गरुड़ पुराण

क्या सिर्फ बेटे का होता है अंतिम संस्कार पर अधिकार, जानें क्या कहता है गरुड़ पुराण

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क्या सिर्फ बेटे का होता है अंतिम संस्कार पर अधिकार, जानें क्या कहता है गरुड़ पुराण
गरुड पुराण के अनुसार क्या सिर्फ बेटे कर सकते हैं अंतिम संस्कार

Garud Puran: गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में से एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है. यह ग्रंथ भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद के रूप में लिखा गया है. इसमें जीवन, मृत्यु, आत्मा, कर्म और मृत्यु के बाद की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया गया है. हिंदू धर्म में इस ग्रंथ को विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह व्यक्ति को जीवन के सत्य और कर्मों के परिणामों को समझाने का प्रयास करता है.

क्या बताता है गरुड़ पुराण?

गरुड़ पुराण में इंसान के अच्छे और बुरे कर्मों के प्रभाव का वर्णन मिलता है. इसमें बताया गया है कि व्यक्ति अपने कर्मों के अनुसार स्वर्ग या नरक की प्राप्ति करता है. ग्रंथ के अनुसार मृत्यु केवल शरीर का अंत है, जबकि आत्मा अमर मानी जाती है और वह अपने कर्मों के आधार पर आगे की यात्रा तय करती है.

इस ग्रंथ में आत्मा की विभिन्न अवस्थाओं, यमलोक की यात्रा और पाप-पुण्य के फल का भी उल्लेख किया गया है. धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति जीवन में अच्छे कर्म करता है, उसे मृत्यु के बाद शांति और बेहतर लोक की प्राप्ति होती है.

मृत्यु के बाद क्यों किया जाता है गरुड़ पुराण का पाठ?

हिंदू परंपरा में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद घर में गरुड़ पुराण का पाठ करवाया जाता है. माना जाता है कि इससे मृत आत्मा को शांति मिलती है और परिवार के लोगों को जीवन की सच्चाई समझने का अवसर मिलता है.

धार्मिक दृष्टि से यह पाठ लोगों को यह संदेश देता है कि जीवन अस्थायी है और इंसान को सदैव अच्छे कर्म करने चाहिए. गरुड़ पुराण के माध्यम से मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा और कर्मों के महत्व को समझाने का प्रयास किया जाता है.

अंतिम संस्कार को क्यों माना गया है महत्वपूर्ण?

गरुड़ पुराण में अंतिम संस्कार को बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है. मान्यता है कि सही विधि और नियमों के अनुसार किया गया अंतिम संस्कार आत्मा को शांति प्रदान करता है. इसमें यह भी बताया गया है कि मृत्यु के बाद किए जाने वाले कर्मकांड आत्मा की आगे की यात्रा को सरल बनाने में मदद करते हैं.

इसी वजह से हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार को केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मा की शांति और मोक्ष से जुड़ा महत्वपूर्ण संस्कार माना जाता है.

ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा
25+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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