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Home Religion 15 दिनों में डबल ग्रहण का संयोग, जानें क्या होली की खुशियों पर भी पड़ेगा असर

15 दिनों में डबल ग्रहण का संयोग, जानें क्या होली की खुशियों पर भी पड़ेगा असर

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15 दिनों में डबल ग्रहण का संयोग, जानें क्या होली की खुशियों पर भी पड़ेगा असर
15 दिनोें में दो ग्रहण का असर

Double Grahan 2026: साल 2026 की शुरुआत से ही ग्रहों की स्थिति चर्चा का विषय बनी हुई है. होली के उत्साह के बीच 15 दिनों के अंतराल में दो बड़े ग्रहण—पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को और दूसरा खग्रास चंद्रग्रहण 03 मार्च 2026 को—लगना ज्योतिषीय दृष्टि से असामान्य माना जा रहा है. खगोलीय रूप से ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन सनातन परंपरा में इसे शुभ संकेत नहीं माना जाता. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, एक पक्ष या एक महीने के भीतर दो ग्रहण का योग चिंताजनक विषय है और इसका प्रभाव देश-दुनिया पर व्यापक हो सकता है.

15 दिन में दो ग्रहण: खगोलीय संयोग या चेतावनी?

17 फरवरी 2026 को लगे सूर्य ग्रहण के बाद 03 मार्च 2026 को खग्रास चंद्रग्रहण लगने जा रहा है. यह चंद्रग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होगा. खग्रास चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा, जिसे आमतौर पर “ब्लड मून” कहा जाता है. ऐसा पृथ्वी की छाया और प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है, जिससे चंद्रमा का रंग परिवर्तित दिखता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कम समय में दो ग्रहण का लगना प्राकृतिक असंतुलन और सामाजिक हलचल का संकेत देता है. इसे विशेष रूप से राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से जोड़कर देखा जाता है.

ग्रहण का अशुभ प्रभाव: सनातन दृष्टिकोण

सनातन धर्म में सूर्य और चंद्र दोनों ही जीवन ऊर्जा के प्रमुख स्रोत माने गए हैं. ग्रहण का लगना शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि इसे राहु-केतु के प्रभाव से जोड़ा जाता है. फरवरी मध्य से मार्च के पहले सप्ताह तक दो ग्रहण का योग वर्ष 2025 जैसी परिस्थितियों की याद दिलाता है, जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकट, व्यापारिक तनाव और टैरिफ विवादों ने कई देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया. अमेरिका सहित कई राष्ट्र आर्थिक चुनौतियों से जूझे, वहीं इजराइल, रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष ने विश्व शांति को प्रभावित किया.

इतिहास के पन्नों में ग्रहण का प्रभाव

ऐसा ही संयोग 25 अक्टूबर 2022 को सूर्य ग्रहण और 08 नवंबर 2022 को चंद्रग्रहण के रूप में देखा गया था. उसी वर्ष गुजरात के मोरबी में पुल दुर्घटना जैसी दुखद घटना हुई, जिसमें कई लोगों की जान गई. ज्योतिषीय मत के अनुसार, जब एक ही पक्ष में दो ग्रहण लगते हैं तो प्राकृतिक आपदाओं—बाढ़, भूकंप, तूफान, अग्निकांड—और जनहानि के योग बनते हैं.

वृहदसंहिता के अनुसार दो ग्रहण का परिणाम

प्राचीन ग्रंथ बृहदसंहिता के राहुचर अध्याय में उल्लेख मिलता है कि एक ही महीने या पक्ष में दो ग्रहण लगना अशुभ संकेत देता है. इसमें प्राकृतिक प्रकोप, राजनीतिक अस्थिरता और राजसत्ता में परिवर्तन के संकेत बताए गए हैं. ऐसे समय में राजनैतिक तनाव, देशों के बीच मतभेद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शक्ति संतुलन में बदलाव देखने को मिल सकता है.

देश-दुनिया पर संभावित प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत में यह ग्रहण योग अनुकूल नहीं माना जाएगा. कई देशों के बीच व्यापारिक और राजनीतिक विवाद उभर सकते हैं. कुछ राष्ट्रों में युद्ध जैसी स्थिति या रक्षा समझौते की चर्चा तेज हो सकती है.  हालांकि, सिंह राशि में लगने वाला चंद्रग्रहण नेतृत्व और सत्ता से जुड़े निर्णयों को प्रभावित करेगा. संभावना है कि कई राष्ट्राध्यक्ष आपसी सहयोग से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नई तकनीकों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएं.

सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव

03 मार्च 2026 का चंद्रग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है. इस नक्षत्र के स्वामी शुक्र हैं, जो कला, सौंदर्य और रचनात्मकता के कारक माने जाते हैं. सिंह राशि राजसत्ता और नेतृत्व का प्रतीक है. इस संयोग से महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देखने को मिल सकता है. उच्च पदों पर आसीन महिलाओं का प्रभाव बढ़ेगा और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जा सकते हैं. हालांकि कुछ क्षेत्रों में सामाजिक तनाव भी उत्पन्न हो सकता है.

पंचग्रही योग और ग्रहों की युति

वर्तमान ग्रह स्थिति में कुंभ राशि में शुक्र, मंगल, बुध, राहु और सूर्य की उपस्थिति से पंचग्रही योग बन रहा है. यह योग सिंह राशि के सातवें भाव पर प्रभाव डाल रहा है. केतु की दृष्टि मंगल, सूर्य, बुध और शुक्र पर पड़ रही है, जो आम जीवन के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति दर्शाती है. मंगल और सूर्य दोनों अग्नि तत्व के ग्रह हैं, जबकि राहु तकनीक, छल और विवाद का कारक है. इनकी युति सामाजिक टकराव, अहंकार और छोटी बातों पर विवाद की स्थिति उत्पन्न कर सकती है. विशेष रूप से मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा और विमानन क्षेत्र में सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी. वायुयान दुर्घटनाओं या तकनीकी गड़बड़ियों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

Gen-G और इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रभाव

यह ग्रहण काल नई पीढ़ी (Gen-G) के लिए विशेष लाभकारी नहीं माना जा रहा, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और रक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं. शुक्र-मंगल की युति फैशन, डिजाइन और रचनात्मक उद्योगों को नई दिशा दे सकती है, जबकि राहु तकनीकी उन्नति को गति देने का संकेत देता है.

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सावधानी और संयम का समय

मार्च 2026 का डबल ग्रहण संयोग खगोलीय दृष्टि से सामान्य, लेकिन ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह समय संयम, सतर्कता और विवेकपूर्ण निर्णय लेने का संकेत देता है. हालांकि ग्रहण को लेकर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं, लेकिन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर संतुलन बनाए रखना आवश्यक है. ग्रहों की चाल परिवर्तन का संकेत देती है—यह परिवर्तन सकारात्मक भी हो सकता है, यदि नेतृत्व और समाज मिलकर समझदारी से कदम उठाएं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा

15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

Consultation: 8080426594 / 9545290847

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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