[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion क्या पापी इंसान की मदद करने से पाप लगता है? जानें प्रेमानंद जी महाराज की राय

क्या पापी इंसान की मदद करने से पाप लगता है? जानें प्रेमानंद जी महाराज की राय

0
क्या पापी इंसान की मदद करने से पाप लगता है? जानें प्रेमानंद जी महाराज की राय
प्रेमानंद जी महाराज

Premanand Ji Maharaj: कहा जाता है कि व्यक्ति के कर्मों के अनुसार ही उसके जीवन में सुख और दुख आते हैं. यदि व्यक्ति के कर्म अच्छे हों, तो जीवन में सफलता, खुशहाली और समृद्धि आती है. वहीं, जब कर्म बुरे होते हैं, तो इंसान को दुख, दर्द और असफलताओं का सामना करना पड़ता है. पूर्व जन्मों के कर्म भी इस सुख-दुख के चक्र को प्रभावित करते हैं.जब कोई व्यक्ति कष्ट से गुजर रहा होता है, तो अक्सर लोग कहते हैं कि उसे अपने बुरे कर्मों और पापों का दंड मिल रहा है. ऐसे में मन में यह सवाल उठता है कि अगर कोई व्यक्ति अपने पापों का दंड भोग रहा है, तो क्या बुरे समय में उसकी मदद करनी चाहिए? और अगर मदद करें, तो क्या हमें भी पाप लगेगा? प्रेमांनद जी महाराज ने विषय पर बात करते हुए इन सभी सवालों के जवाब दिए है. 

प्रेमानंद जी महाराज से पूछा गया सवाल

प्रेमानंद जी महाराज से पूछा गया कि क्या पापी व्यक्ति की मदद करनी चाहिए? और अगर कोई व्यक्ति किसी पापी इंसान की सहायता करता है, तो क्या वह भी पाप का भागीदार बन जाता है?

पापी की मदद पर प्रेमानंद जी महाराज ने क्या कहा ?

इस पर प्रेमानंद जी महाराज ने स्पष्ट रूप से कहा कि हां, पापी व्यक्ति की मदद करनी चाहिए. पापी की सहायता करने वाला व्यक्ति पापी नहीं, बल्कि पुण्यात्मा कहलाता है. उनका कहना हैं कि बिना भगवान के विधान के किसी कष्ट भोग रहे व्यक्ति पर हमारी दृष्टि नहीं पड़ती. यदि आपकी नजर किसी दुखी व्यक्ति पर पड़ती है, तो इसका अर्थ है कि भगवान आपको सेवा का अवसर दे रहे हैं.

सेवा से बढ़ता है पुण्य, नष्ट होते हैं पाप

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, जितना संभव हो, दुखी व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए. इससे मदद करने वाले व्यक्ति का पुण्य बढ़ता है और कष्ट झेल रहे इंसान के पापों का नाश होता है.

पाप का भागीदार बनने की सोच है गलत

प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि यह सोचना बिल्कुल गलत है कि किसी पापी व्यक्ति की मदद करने से आप उसके पाप के भागीदार बन जाते हैं. आपकी सहायता से उसके पाप नष्ट होते हैं, जीवन में सुख आता है और आपकी पुण्य-वृद्धि होती है.

यह भी पढ़ें: Premanand Ji Maharaj: क्या पिता के पापों का दंड बच्चों को भुगतना पड़ता है? जानिए क्या कहते हैं प्रेमानंद जी महाराज

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel