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ढुण्ढिराज चतुर्थी पर आज पढ़ें ये व्रत कथा

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ढुण्ढिराज चतुर्थी पर आज पढ़ें ये व्रत कथा
ढुण्ढिराज चतुर्थी व्रत कथा

Dhundhiraj Chaturthi Vrat Katha: हर महीने की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है. इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करते हैं. फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को ढुण्ढिराज चतुर्थी कहा जाता है. इस बार यह व्रत 21 फरवरी, शनिवार को रखा जा रहा है. इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है. मान्यता है कि इस व्रत की कथा सुने बिना व्रत का पूरा फल नहीं मिलता.

ढुण्ढिराज चतुर्थी व्रत कथा

पुराणों के अनुसार, एक समय भगवान शिव ने काशी को अपना निवास स्थान बनाने का विचार किया. उस समय काशी पर राजा दिवोदास का शासन था. राजा दिवोदास बहुत धर्मात्मा, दयालु और न्यायप्रिय थे. उनके राज्य में किसी भी चीज की कमी नहीं थी.

राजा दिवोदास को ब्रह्मा जी से वरदान मिला था कि जब तक उनके राज्य में सब कुछ ठीक रहेगा और कोई कमी नहीं होगी, तब तक कोई भी देवता काशी में प्रवेश नहीं कर सकेगा.

भगवान शिव को काशी बहुत प्रिय थी, इसलिए उन्होंने अपने पुत्र गणेश जी को वहां भेजने का निश्चय किया. गणेश जी ने काशी जाने से पहले एक ज्योतिषी का रूप धारण किया और अपना नाम ‘ढुण्ढि’ रखा.

काशी पहुंचकर उन्होंने अपनी बुद्धि और ज्ञान से लोगों को प्रभावित किया. धीरे-धीरे उनकी ख्याति पूरे नगर में फैल गई. लोगों का ध्यान राजा दिवोदास से हटकर ढुण्ढि की ओर जाने लगा. इससे राजा के शासन में कमी आने लगी.

जब राज्य की स्थिति पहले जैसी नहीं रही, तब ब्रह्मा जी का वरदान प्रभावहीन हो गया और भगवान शिव को काशी में प्रवेश मिल गया. शिव जी ने गणेश जी की बुद्धिमत्ता से प्रसन्न होकर उन्हें ‘ढुण्ढिराज’ नाम दिया. उन्होंने कहा कि जो भी भक्त काशी आएगा, उसकी यात्रा ढुण्ढिराज गणेश की पूजा के बाद ही पूरी मानी जाएगी.

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कहा जाता है कि जिस दिन शिव जी ने गणेश जी को ढुण्ढिराज नाम दिया, वह फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी का दिन था. तभी से इस तिथि को ढुण्ढिराज चतुर्थी के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हो गई. श्रद्धा से व्रत और कथा सुनने से भक्तों को सुख और सफलता मिलती है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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